वाराणसी में रेल मंत्री का फर्जी सचिव गिरफ्तार, एक फोन से करवाता था ट्रांसफर और पोस्टिंग...
वाराणसी में पुजारी के वेश में रहने वाले रेल मंत्री के फर्जी सचिव को साइबर क्राइम टीम ने किया गिरफ्तार, रेल मंत्री का निजी सचिव बताकर रेलवे के अधिकारियों को लेता था अर्दब में और करता था ट्रांसफर और पोस्टिंग
वाराणसी,18 अगस्त: वाराणसी साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने गुरुवार को एक ऐसे अभियुक्त को गिरफ्तार किया, जो पुजारी का वेश धारण करके वाराणसी में रहकर कभी रेल मंत्री का सचिव तो कभी आला अधिकारियों का रिश्तेदार बताकर लोगों से ठगी करता था। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसने रेल मंत्री का पीए और अधिकारियों का रिश्तेदार बताकर बहुत पैसा कमाया। फिलहाल पुलिस ने उसके पास से एक एंड्राइड मोबाइल और 950 रुपए नगद बरामद किया है।

डीजी आरपीएफ ने लिखा था पत्र
दरअसल आरपीएफ के महानिदेशक ने साइबर क्राइम को एक पत्र भेजकर बताया था कि रजत कुमार मिश्रा नामक एक व्यक्ति खुद को रेल मंत्री का निजी सचिव बताता है। रेल मंत्री का सचिव बताकर वह अधिकारियों पर ट्रांसफर पोस्टिंग का दबाव भी बनाता है। उन्होंने पत्र में यह भी लिखा था कि रेल मंत्री कार्यालय में इस नाम का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी नहीं रहता है, ऐसे में जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाय। पत्र के आधार पर उत्तर प्रदेश के एडीजी साइबर क्राइम ने इसकी जांच वाराणसी के साइबर क्राइम थाने को सौंपी। साइबर क्राइम टीम द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर के कॉल डिटेल और सर्विलांस के आधार पर आरोपी रजत कुमार मिश्रा को गुरुवार को वाराणसी से गिरफ्तार कर लिया गया।

पुजारी वेश में रहता था आरोपी
अधिकारियों ने बताया कि रजत कुमार मिश्रा मूल रूप से बिहार राज्य के पश्चिमी चंपारण अंतर्गत मठिया राजपुर इलाके का रहने वाला है। वह मौजूदा समय में वाराणसी जिले के भेलूपुर थाना अंतर्गत खोजवां और अस्सी इलाके में रहता था। पुलिस के पूछताछ ने बताया कि वह पुजारी के वेश में रहता था जिसके चलते उस पर किसी को शक नहीं होता था। उसने यह भी कहा कि दो ढाई साल से वह लोगों से जालसाजी करता था, इस दौरान उसने काफी रुपए कमाए लेकिन अपनी शौक पूरी करने में रुपयों को खर्च कर दिया।

कराता था ट्रांसफर और पोस्टिंग
अधिकारियों की पूछताछ में उसने बताया कि रेल मंत्री का निजी सचिव बताकर वह रेलवे के अधिकारियों को फोन करके अधिकारियों और कर्मचारियों की ट्रांसफर पोस्टिंग करवाता था। उसके एक फोन से ट्रांसफर और पोस्टिंग हो जाती थी। इसके अलावा काशी विश्वनाथ मंदिर में फोन करके कभी गोरखपुर तो कभी वाराणसी के जिलाधिकारी का लाइजनिंग अधिकारी बताकर प्रोटोकॉल के साथ कई लोगों को दर्शन भी कराया। एसपी देवरिया श्रीपति मिश्रा का भांजा बताकर भी उसने कई लोगों से अनुचित लाभ लिया।












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