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Gyanvapi Case: मुख्य वादी राखी सिंह ने राष्ट्रपति को इच्छामृत्यु के लिए लिखा पत्र, साथी महिलाओं पर लगाया आरोप

Gyanvapi-Shringar Gauri Case के मुख्य वादी राखी सिंह ने इच्छा मृत्यु की मांग की है। राखी सिंह का आरोप है कि उनके साथ की 4 महिलाओं ने उनके साथ धोखा किया है।

Chief litigant of Gyanvapi Shringar Gauri prakaran wrote a letter to the President

Gyanvapi-Shringar Gauri Case की मुख्य वादी राखी सिंह की एक चिट्ठी सामने आई है। बताया जा रहा है कि राखी सिंह ने राष्ट्रपति को एक चिट्ठी लिखकर इच्छा मृत्यु की मांग की है। चिट्ठी में उन्होंने लिखा है कि मुझे और मेरे परिवार को बदनाम किया जा रहा है, इसमें शासन और प्रशासन के लोग भी शामिल हैं। यह भी लिखा है कि झूठा प्रचार किया गया कि मैं मुकदमा वापस लेना चाहती हूं।

उनका कहना है कि इन सब बातों को लेकर वह काफी मानसिक दबाव झेल रही हैं और अब उनसे यह सब बर्दाश्त नहीं हो रहा है। ऐसे में उन्होंने राष्ट्रपति से मांग की है कि उन्हें इच्छा मृत्यु की अनुमति प्रदान की जाए। इस मुकदमें में चार अन्य वादी महिलाओं पर भी उनके द्वारा आरोप लगाए गए हैं।

उनका कहना है कि वह महिलाएं भी उन्हें प्रताड़ित कर रही हैं। इसके अलावा और महिलाओं के अधिवक्ताओं द्वारा भी उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने पत्र में 9 जून की समय सीमा दी है। उनका यह भी कहना है कि यदि 9 जून तक जवाब नहीं आया तो वे अगला कदम जरूर उठाएंगी।

गद्दार घोषित करने का किया जा रहा प्रयास: उन्होंने यह भी कहा कि उपरोक्त प्रकरण में उन्हें हिंदू समाज में गद्दार घोषित करने का प्रयास किया जा रहा है। लोगों की यह सोच है कि ऐसा धन बटोरने के लिए किया जा रहा है, लेकिन ऐसी कोई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मामले में ज्ञानवापी को बचाना मेरा मकसद है, क्रेडिट कोई भी ले ले इसलिए हमें कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है।

आगे उन्होंने कहा कि सहन करने की एक सीमा होती है लेकिन ज्ञानवापी परिसर से संबंधित मुकदमा भगवान आदि विश्वेश्वर द्वारा किरण सिंह व अन्य बनाम उत्तर प्रदेश व अन्य उपरोक्त मुकदमे को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया। उनका कहना है कि यदि उनके द्वारा मुकदमा न किया गया होता तो उनकी 4 साथी महिलाएं चर्चा में ना आई होतीं। उन्होंने आरोप लगाया कि मेरे कारण मेरी चार साथी महिलाओं के कारण मूल मुकदमा पूरी तरह से बर्बाद हो गया।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन महिलाओं के कारण संपूर्ण सनातन समाज को क्षति पहुंची है और मेरे और मेरे परिवार द्वारा किया गया संपूर्ण त्याग और समर्पण व्यर्थ होता दिखाई दे रहा है। ऐसे में उनका कहना है कि उपरोक्त महिलाओं के कृत्य के चलते वे काफी परेशान हैं और इसी के चलते वह इच्छा मृत्यु चाहती हैं।

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