ऐप डाउनलोड करते ही Bank Account हो जाएगा खाली, भूलकर भी न करें ऐसी गलती
मोबाइल का इस्तेमाल करने वाले लोगों के खाते से आए दिन ठगी के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में लोगों को कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए, जिसको लेकर बैंक द्वारा भी समय-समय पर बताया जाता है कि किसी भी थर्ड पार्टी ऐप को अपने मोबाइल

मोबाइल बैंकिंग का इस्तेमाल करने वाले लोगों के Bank Account से आए दिन रुपए ट्रांसफर होने या ठगी होने के मामले सामने आते हैं। बैंक द्वारा कई निर्देश भी जारी किए जाते हैं बावजूद इसके लोगों द्वारा ध्यान न दिए जाने के चलते लोग ठगों का शिकार हो जाते हैं। ताजा मामला वाराणसी जिले के पहड़िया इलाके के आनंदपुरी कॉलोनी का है। कॉलोनी में रहने वाले ओमप्रकाश सिंह के बेटे मोहित सिंह को ठगों ने निशाना बनाया है। ठगों ने मोहित के मोबाइल में थर्ड पार्टी ऐप इंस्टॉल करवाया और उसके खाते से 98 हजार रुपए निकाल लिए। इस मामले में भुक्तभोगी द्वारा पुलिस से शिकायत की गई है, शिकायत के आधार पर पुलिस जांच पड़ताल कर रही है।

देखते ही देखते गायब हो गए रुपए
दरअसल कॉलोनी के रहने वाले ओमप्रकाश सिंह के मोबाइल पर एक व्यक्ति द्वारा मैसेज भेजा गया था। मैसेज भेजने वाले ने मैसेज में एक लिंक भेजा था। मैसेज में लिखा था कि लिंक पर क्लिक करके ऐप इंस्टॉल करने के बाद कई प्रकार की सुविधाएं मिलेंगी। ऐसे में उन्होंने अपने पुत्र मोहित को मैसेज दिखाया उसके बाद मोहित ने लिंक पर क्लिक कर ऐप को डाउनलोड कर लिया। एप डाउनलोड करने के बाद 5 रुपए का ट्रांजैक्शन हुआ। उस ट्रांजैक्शन के बाद ही ओमप्रकाश सिंह के खाते से 98 हजार रुपए ट्रांसफर हो गए। उसके बाद जिस नंबर से एसएमएस आया था, उस नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया गया तो फोन नहीं लगा। इसके अलावा कोई अन्य जानकारी भी नहीं मिल पाई। परेशान होने के बाद भुक्तभोगी द्वारा सारनाथ थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।

भूल कर भी ऐसी गलती नहीं करनी चाहिए
मोबाइल में ऐप इंस्टॉल करवाने के बाद ठगी किए जाने के मामले को लेकर बैंकिंग के जानकारों से जब बात की गई तो उन लोगों ने कहा कि कोई भी थर्ड पार्टी है अपने मोबाइल में इंस्टॉल नहीं करना चाहिए। बैंकिंग के जानकार जय चंद्र मोदनवाल ने बताया कि कई बार ठग एनी डेस्क तथा अन्य रिमोट डेस्कटॉप से संबंधित एप्लीकेशन का उपयोग करते हैं। ऐप को इंस्टॉल करने के बाद उनके द्वारा बताई गई बातों को फॉलो करने पर मोबाइल की स्क्रीन सामने वाले व्यक्ति को दिखाई देती है और उपभोक्ता की पूरी जानकारी दूसरे के पास चली जाती है। ऐसे में उपभोक्ता को जानकारी नहीं होती है और उनके खाते से पैसा ट्रांसफर कर लिया जाता है।

मोबाइल नंबर को हमेशा रखना चाहिए अपडेट
जयचंद मोदनवाल ने यह भी बताया कि कई मामले ऐसे भी सामने आते हैं जिसमें ग्राहकों द्वारा अपना मोबाइल नंबर अपडेट नहीं कराया जाता है। ऐसे में ग्राहकों को बैंक में पहुंचकर केवाईसी फार्म भरते हुए अपना मोबाइल नंबर अपडेट करा लेना चाहिए। मोबाइल नंबर अपडेट कराने के बाद जब भी कोई ट्रांजैक्शन होता है तो तत्काल मोबाइल नंबर पर बैंक द्वारा एसएमएस भेज दिया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार जल्दबाजी में लोग मोबाइल नंबर भी गलत दर्ज करा देते हैं। ऐसे में केवाईसी फॉर्म भरते समय लोगों को अपना मोबाइल नंबर दो तीन बार जांच लेनी चाहिए। ऐसा ही एक मामला भदोही से सामने आया था जिसमें एक छात्र नया खाता खुलवाया था और मोबाइल नंबर दूसरे का दे दिया था। ऐसे में उसके खाते से भी कई बार रुपए ट्रांसफर हो गए और उसको कोई जानकारी नहीं मिली।

यूपीआई एप का भी कर सकते हैं इस्तेमाल
कभी-कभी ऐसे मामले सामने आते हैं कि उपभोक्ता द्वारा जो नंबर बैंक में दिया गया होता है वह नंबर बंद हो जाता है। उपभोक्ता भी उस नंबर को भूल जाते हैं और दूसरा मोबाइल नंबर ले लेते हैं। ऐसे में पुराना मोबाइल नंबर जिस व्यक्ति को भी जारी होता है उसी के पास आपके बैंकिंग से संबंधित एसएमएस जाते हैं। ऐसे में वह व्यक्ति यूपीआई एप इंस्टॉल करते हुए आपके खाते से पैसा आसानी से ट्रांसफर कर सकता है। इसके चलते बैंक के द्वारा भी उपभोक्ताओं को इस्तेमाल किया जाने वाला मोबाइल नंबर ही खाते में दर्ज करने के लिए कहा जाता है। जब भी कभी मोबाइल गुम हो जाए या वह नंबर ना मिल पाए तो तत्काल खाते से संपर्क कर केवाईसी फॉर्म भरते हुए नया मोबाइल नंबर अपडेट करवा लेना चाहिए।












Click it and Unblock the Notifications