कांग्रेस में वापसी के बाद पहली बार प्रदेश कार्यालय पहुंचे यशपाल आर्य, खोली भाजपा नेताओं की पोल, जानिए क्या कहा
कांग्रेस ज्वाइन करने के बाद पहली बार प्रदेश कार्यालय पहुंचे यशपाल आर्य, खोली भाजपा नेताओं की पोल
देहरादून, 1 नवंबर। कांग्रेस ज्वाइन करने के बाद पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य देहरादून स्थित कांग्रेस भवन पहुंचे। इस दौरान यशपाल आर्य भावुक नजर आए। यशपाल आर्य ने कहा कि वे साढ़े 4 साल तक भाजपा में तो रहे लेकिन उनकी आत्मा कांग्रेस में ही रही। यशपाल आर्य ने भाजपा नेताओं की पोल खोलते हुए कहा कि खुद भाजपा के नेता स्वीकार करते हैं कि सरकार चलानी कांग्रेस को ही आती है। वे तो विपक्ष में ही सही हैं।

आर्य के स्वागत में हुआ भव्य समारोह
उत्तराखंड में सत्ता वापसी के लिए कांग्रेस ने पूरा जोर लगा दिया है। दलित वोटरों को भी अपने पक्ष में करने के लिए कांग्रेस ने यशपाल आर्य की बेटे के साथ घर वापसी कराई है। ऐसे में यशपाल आर्य की इमेज को कांग्रेस पूरी तरह से भुनाने में जुट गई है। यशपाल आर्य को कांग्रेस बड़े चेहरे के रुप में इस्तेमाल कर रही है। कांग्रेस अपने बड़े कार्यक्रमों में भी यशपाल आर्य को मंच पर लाने में जुटी है। देहरादून में यशपाल आर्य के स्वागत में बड़ा कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व सीएम हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह समेत सभी कांग्रेसी मौजूद रहे।
आर्य बोले, शरीर भाजपा में था आत्मा कांग्रेस में ही
समारोह में हरीश रावत ने कहा कि यशपाल आर्य के भाजपा छोड़ने से भाजपा में भूचाल आ गया है। अब लोग कांग्रेस में आने के लिए लाइन में खड़े हैं। उन्होंने यशपाल आर्य का स्वागत करते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं में जो उत्साह देखने को मिल रहा है, उससे लगता नहीं कि आर्य कभी हमें छोड़कर गए थे। जब यशपाल आर्य को मंच पर संबोधन के लिए बुलाया गया तो वे भावुक नजर आए। यशपाल आर्य ने कहा कि वे अपने परिवार के बीच आ गए है। आर्य ने कहा कि वह साढ़े 4 साल भाजपा में रहे। लेकिन भाजपा में सहज महसूस नहीं कर रहे थे। वहां भी उनके मन में हर समय कांग्रेस के प्रति सम्मान रहा। उन्होंने कहा कि साढ़े चार साल तक सिर्फ मेरा शरीर भाजपा में था और आत्मा कांग्रेस के साथ थी। उन्होंने कहा कि भाजपा में केवल तानाशाही है। 2022 के चुनाव में भाजपा को सबक सिखाएंगे। यशपाल आर्य ने कहा कि जब भी भाजपा के नेताओं के साथ उनकी बात होती तो वे हमेशा यही कहते है कि भाजपा को सरकार चलानी नहीं आती है। सरकार तो कांग्रेस पार्टी ही चलाती है। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता खुद स्वीकार करते हैं कि वे एक अच्छे विपक्ष की भूमिका निभा सकते हैं। यशपाल आर्य ने आह्रवान किया कि 2022 में भाजपा को विपक्ष में बिठाएंगे। उत्तराखंड को भाजपा मुक्त बनाएंगे।
दो बार प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं आर्य
यशपाल आर्य दो बार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और छह बार विधायक रह चुके हैं। यशपाल उत्तराखंड विधानसभा के अध्यक्ष भी रहे हैं। पहली बार वे 1989 में खटीमा सितारगंज सीट से विधायक बने थे। 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले यशपाल आर्य ने बेटे संजीव के साथ कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था। यशपाल आर्य बाजपुर और संजीव आर्य नैनीताल से विधायक रहे। भाजपा सरकार में यशपाल परिवहन, समाज कल्याण जैसे अहम विभाग संभाल चुके हैं। अब यशपाल बेटे संजीव के साथ कांग्रेस में वापसी कर चुके हैं।












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