उत्तरकाशी टनल: रेस्क्यू में जुटे लोगों के परिजन को भी 12 दिन से अपनों का इंतजार, बाबा बौखनाग पर सबको विश्वास
Uttarkashi Silkayara tunnel rescue operation Update: उत्तराखंड के उत्तर काशी में 12 नवंबर को सिलक्यारा सुरंग का एक हिस्सा ढह जाने के बाद फंसे हुए 41 मजदूरों को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन अब आखिरी चरण में है। आज रेस्क्यू ऑपरेशन का 12वां दिन है।
पिछले 12 दिनों से रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे तमाम बचाव कर्मचारी दिन-रात वहीं, 24 घंटों काम में लगे हैं। सुरंग में फंसे मजदूरों के साथ-साथ इन बचावकर्मियों के परिजनों को भी 12 दिन से अपनों का इंतजार है।

रेस्क्यू टीम में उत्तराखंड के ऋषभ भंडारी भी शामिल हैं, जो की 12 दिन से लगातार टनल में रेस्क्यू अभियान में जुटे हुए हैं। उनके परिजन टनल के बाहर अपने बेटे के आने का इंतजार कर रहे हैं।
परिजनों ने वनइंडिया हिंदी के पत्रकार को बताया कि किस तरह दिवाली के दिन से बेटा इस बार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटा है। एक तरफ जहां टनल में फंसे मजदूरों के परिवार अपनों के बाहर आने का इंतजार कर रहे हैं वहीं जो लोग 12 दिन से रेस्क्यू टीम में शामिल है, वह भी अपनों का अब बाहर इंतजार कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बौखनाग भगवान कि इस क्षेत्र पर बहुत कृपा है, उन्हीं की कृपा से यह रेस्क्यू अभियान सफल हो रहा है। यह परिवार उत्तरकाशी का है और इन्होंने माना कि जब से बाबा बौखनाग का मंदिर स्थापित हुआ है तब से ही रेस्क्यू अभियान के सफल होने का सिलसिला जारी है।












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