Uttarkashi Tunnel Collapse: हादसे की वजह आई सामने, रेस्क्यू को लेकर ये है अब तक का सबसे बड़ा अपडेट
उत्तराखंड में दिवाली पर बड़ा हादसा होने से हड़कंप मचा हुआ है। केंद्र से लेकर राज्य सरकार इस पूरी घटना पर नजर बनाए हुए हैं। यमुनोत्री हाईवे पर सिल्क्यारा से डंडालगांव तक बनाई जा रही अत्याधुनिक सुरंग का हिस्सा धंस गया है जिसके बाद से अफरा तफरी का माहौल है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार टनल के अंदर 36 मजदूर फंसे हुए हैं। इसके बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि टनल में फंसे मजदूरों ने भी हिम्मत दिखाई है। सुरंग निर्माण का काम नवयुग कंस्ट्रक्शन कंपनी कर रही है। सुरंग के अंदर फंसे हुए श्रमिकों ने मोटर चलाकर पाइप से पानी छोड़ा है। जिससे सभी श्रमिकों के सुरक्षित होने की उम्मीद है।
भूस्खलन का मलबा भी हटाया जा रहा है। जल संस्थान की वर्टिकल ड्रिलिंग मशीन में पहुंच चुकी है। सिल्कियारा में निर्माणाधीन टनल के अंदर फंसे मजदूरों को सुरक्षित निकालने के लिए राहत और बचाव अभियान तेजी से जारी है फंसे हुए मजदूर तक पानी के लिए बिछाए गए पाइप के जरिए ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही है।
रेस्क्यू से जुड़ा हेल्पलाइन नंबर 7455991223 जारी किया गया है। सुरंग से मलबा हटाने और फंसे मजदूरों को निकालने के लिए एस्केप पैसेज बनाने का काम युद्धस्तर पर जारी है। पूरा प्रशासन मौके पर मौजूद है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी हादसे को दुखद बताया और रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
ब्रहम्खाल-पोलगांव निर्माणाधीन रोड टनल जो सिलक्यार से लगभग 2340 मीटर निर्माण की गयी है के सिलक्यार की तरफ से टनल के 270 मीटर भाग के पास 30 मीटर क्षेत्र में मलवा आने के कारण टनल के अन्दर की ओर 36 मजदूर फंसने की आशंका है।
यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिलक्यारा और जंगल चट्टी के बीच 4.5 किलोमीटर लंबी इस अत्याधुनिक सुरंग के निर्माण से गंगोत्री और यमुनोत्री के बीच की दूरी 26 किमी कम हो जाएगी। यह सुरंग करीब 853 करोड़ की लागत से बन रही है। राजमार्ग और अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआइडीसीएल) की देखरेख में डबल लेन सुरंग देश की पहली अत्याधुनिक सुरंग न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड (एनएटीएम) से बनाई जा रही है।
नवयुग इंजीनियरिंग कंपनी ने इसका निर्माण जनवरी, 2019 में शुरू किया था। आलवेदर रोड प्रोजेक्ट के अंतर्गत हो रहा है इस सुरंग का निर्माण इस प्रोजेक्ट की यह सबसे लंबी (साढ़े चार किलोमीटर ) डबल लेन सड़क सुरंग है। इसका करीब चार किलोमीटर निर्माण हो गया है। सुरंग के निर्माण में मजदूर दिन-रात जुटे रहते हैं। फरवरी 2024 तक इसकी खोदाई पूरी करने का लक्ष्य है।
सामने आई हादसे की वजह
निर्माणाधीन टनल में दिन रात काम चल रहा है। टनल में लगभग ढाई किलोमीटर अंदर काम चल रहा है। हादसे के पहले रात की शिफ्ट वाले मजदूर टनल से बाहर आ रहे थे और दिन की शिफ्ट वाले मजदूर टनल के अंदर जा रहे थे। तभी टनल के मुहाने से 300 मीटर अंदर मिट्टी गिरने लगी। देखते ही देखते तकरीबन टनल का 30 मीटर का हिस्सा मिट्टी से पट गया है।












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