उत्तरकाशी में मस्जिद को लेकर हुए बवाल के बाद लागू धारा 163 हटी,जानिए पुलिस के लिए अब क्या है चुनौती
Uttarkashi masjid controversy: उत्तरकाशी में मस्जिद को लेकर हुए बवाल के बाद पुलिस अब भी अलर्ट मोड पर है। इस बीच जिला मजिस्ट्रेट डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा आदेश को समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया है।
डीएम की और से शहर में मस्जिद को लेकर हुए जनाक्रोश रैली के दौरान बवाल और तनाव के बाद 24 अक्टूबर से धारा 163 लागू किया गया था। बीते कुछ दिनों से उत्तरकाशी में शांति व्यवस्था कायम होने और त्योहारों को देखते हुए पुलिस ने गश्त बढ़ा दी है।

इसके साथ ही अब चार नवंबर को बुलाई गई महापंचायत को लेकर तनाव की आशंका को देखते हुए प्रशासन पहले ही अलर्ट मोड पर है। उत्तरकाशी पुलिस द्वारा जनपद मुख्यालय में फ्लैग मार्च निकालकर जनता में सुरक्षा का विश्वास बढाया गया, आमजन से कानून एवं शान्ति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई। साथ ही सोशल मीडिया पर भ्रामकता न फैलाने के साथ ही भडकाऊ बयानबाजी, गोष्ठी एवं प्रदर्शन न करने के सम्बन्ध में अवगत कराया गया।
बता दें कि सालोंं पुरानी मस्जिद को अवैध बताकर कुछ संगठन विरोध कर रहे हैं। जिसके लिए 24 अक्तूबर को मस्जिद के खिलाफ जनाक्रोश रैली आयोजित की गई। इस रैली के दौरान प्रदर्शनकारी और पुलिस के बीच पथराव व लाठीचार्ज की घटना घटी थी, जिसमें 9 पुलिसकर्मी सहित 27 लोग घायल हुए थे।
इस घटना के बाद पुलिस ने बवाल करने पर 8 नामजद और 200 अज्ञात के खिलाफ बीएनएस से संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया। घटना के विरोध में दो दिन बाजार बंद रहे। डीएम ने धारा 163 लागू की। जो कि एक दिन पहले ही हटाई गई है। दिवाली को देखते हुए पुलिस प्रशासन पर भारी दबाव है। सबसे ज्यादा टेंशन 4 नवंबर को लेकर है। जब महापंचायत बुलाई गई है। हालांकि प्रशासन को इसकी कोई लिखित सूचना नहीं है। फिर भी पुलिस एहतियातन सतर्क होकर काम कर रही है।












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