Uttarkashi Cloudburst update: ग्राउंड जीरो पर CM धामी, सेना ने संभाला मोर्चा, आज की धराली की तस्वीर
Uttarkashi Cloudburst update उत्तरकाशी के धराली गांव में बादल फटने से आई बाढ़ ने पूरा गांव तबाह कर दिया है। धराली में आईटीबीपी/सेना और एसडीआरएफ द्वारा राहत और बचाव कार्य किया जा रहा है। आज सुबह की धराली की एक तस्वीर भी सामने आई है, जिसमें पूरा गांव मलबे में तब्दील नजर आ रहा है। बस गांव की कुछ निशानियां ही नजर आ रही हैं।
इस बीच प्रशासन के सामने घटनास्थल तक पहुंचने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गंगनानी से आगे नाग मंदिर पुल बाढ़ में बहने से डीएम समेत पूरा प्रशासन और रेस्क्यू टीमें फंसी हुई है। जिससे राहत एवं बचाव कार्य में मुश्किलें आ रही है। धराली तक सड़क मार्ग से पहुंचने का यही एक मात्र रास्ता है। अब फिलहाल सेना और हवाई मार्ग से ही रेस्क्यू का विकल्प तलाश किया जा रहा है।

घटना के दूसरे दिन आज सीएम पुष्कर सिंह धामी उत्तरकाशी पहुंचे और ग्राउंड जीरो पर जाकर हालात का जायजा लिया। सीएम धामी ने धराली गांव का हवाई सर्वेक्षण किया और उत्तरकाशी से स्थिति की समीक्षा की। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बातचीत कर उत्तरकाशी जनपद के धराली क्षेत्र में हाल ही में हुई प्राकृतिक आपदा तथा राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री को बताया कि राज्य सरकार राहत और बचाव कार्यों में पूरी तत्परता के साथ जुटी हुई है। लगातार हो रही भारी वर्षा के कारण कुछ क्षेत्रों में कठिनाइयाँ आ रही हैं, लेकिन सभी संबंधित एजेंसियाँ समन्वय के साथ कार्य कर रही हैं ताकि प्रभावित लोगों को त्वरित सहायता मिल सके। प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री धामी ने धराली बाजार, हर्षिल एवं आसपास के क्षेत्रों में आपदा से हुई क्षति का हवाई निरीक्षण किया। इसके बाद सीएम उत्तरकाशी से ऑनलाइन कंट्रोल रूम से जुड़े। धामी ने उत्तरकाशी आपदा नियंत्रण कक्ष से राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। धामी ने प्रदेश के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों एवं सेना के प्रतिनिधियों से स्थिति की वस्तुनिष्ठ जानकारी प्राप्त की और उन्हें राहत कार्यों को तीव्र गति से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र में रेस्क्यू एवं मेडिकल कैंप्स की स्थापना कर दी गई है तथा प्रभावितों के लिए भोजन एवं आवश्यक सामग्री की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर प्रारम्भ कर दिए गए हैं। भारतीय वायुसेना के चिनूक व एमआई-17 हेलीकॉप्टर पूरी तरह से तैयार स्थिति में हैं, ताकि आवश्यकतानुसार शीघ्रतम कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।












Click it and Unblock the Notifications