उत्तराखंड: जहां-जहां गए मोदी-योगी, वहां कैसे बदल गए चुनावी समीकरण, जानिए
6 जगहों पर रैली से जिलों में बदले समीकरण
देहरादून, 12 मार्च। उत्तराखंड में सभी समीकरणों को ध्वस्त करते हुए भाजपा ने एक बार फिर प्रचंड बहुमत की सरकार बनाने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। सारे मिथक और रिकॉर्ड तोड़ते हुए भाजपा ने प्रदेश में इतिहास बदलकर पहली बार सरकार रिपीट करने जा रही है। भाजपा के दोबारा सरकार बनाने के पीछे मोदी फैक्टर का खासा अहम रोल रहा है। इसके साथ ही उत्तरप्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ का प्रदेश में दौरा भी बाजी पलटने में कामयाब रहा है। चुनावी परिणामों पर नजर डालें तो मोदी और योगी की रैलियों से चुनाव से पहले नजर आ रहे समीकरण बदले जिनका असर चुनावी परिणाम पर भी देखने को मिला है। मोदी ने देहरादून, श्रीनगर, अल्मोड़ा और रुद्रपुर में रैलियां की जबकि योगी ने टिहरी और कोटद्वार में सभा की।

दर्जनों सीटों पर दिखा प्रभाव, बदले परिणाम
भाजपा ने प्रदेश में 47 सीटें जीतकर नया रिकॉर्ड बनाया है। इसके पीछे मोदी मैजिक को ही बड़ा कारण बताया जा रहा है। चुनाव बाद जो भी रूझान सामने आ रहे थे, उसमें भाजपा, कांग्रेस में कड़ी टक्कर मानी जा रही थी, लेकिन परिणाम इसके उलट हुए हैं। दर्जनों सीटें ऐसी हैं जहां भाजपा के प्रत्याशी चुनाव तक दूसरे प्रत्याशियों से काफी करीबी मुकाबले में माने जा रहे थे, लेकिन मोदी और योगी की रैलियों ने चुनाव परिणाम बदलने में काफी अहम भूमिका निभाई है।

मोदी की 5 योगी की 2 रैलियों का दिखा असर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देहरादून, श्रीनगर, अल्मोड़ा, हल्द्वानी और रुद्रपुर में चुनावी सभाएं हुई। जबकि योगी आदित्यनाथ की टिहरी और कोटद्वार में सभाएं आयोजित हुई। अल्मोड़ा को छोड़कर बाकि सभी सीटें भाजपा की झोली में ही आई हैं। अल्मोड़ा में मामूली अंतर से भाजपा हारी है। इसके साथ ही मोदी और योगी की रैली से आसपास की सीटों पर भी असर साफ दिखा है। देहरादून में हुई पीएम मोदी की रैली से भाजपा ने देहरादून की 10 में से 9 सीटें जीतीं। श्रीनगर में धन सिंह रावत जो चुनाव में पहले काफी पिछ़ड़े हुए नजर आ रहे थे। पीएम मोदी की रैली के बाद हवा को जीत को बदलने में कामयाब हुए। हालांकि अंतर काफी कम रहा है। श्रीनगर में हुई रैली से यमकेश्वर, लैंसडाउन, पौड़ी सीट पर सीधा असर दिखा। जिससे भाजपा यहां जीतने में कामयाब हुई। अलावा रुद्रपुर में राजकुमार ठुकराल के बागी होने के बाद भी भाजपा यहां बड़ी जीत पाने में सफल हुई है।

टिहरी और कोटद्वार में भी योगी ने दिखाया दम
अब बात उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की। योगी का जादू यूपी ही नहीं उत्तराखंड में भी खूब चला है। टिहरी में किशोर उपाध्याय चुनाव से ठीक पहले भाजपा में आए। लेकिन निर्दलीय दिनेश धनै से कड़ी टक्कर होने के बाद भी किशोर ने चुनाव जीत लिया। इतना ही नहीं टिहरी जिले की धनोल्टी,देवप्रयाग, नरेंद्रनगर, घनसाली सीटों पर भी योगी का जादू चलता हुआ दिखा। जो कि धनोल्टी से प्रीतम पंवार, देवप्रयाग से विनोद कंडारी और नरेंद्रनगर से सुबोध उनियाल और घनसाली से शक्तिलाल शाह की चुनाव से पहले कमजोर दिख रही स्थिति को जीत में बदलने में कामयाब हुई है। कोटद्वार में भी योगी की रैली के बाद भाजपा ने बाजी पलटी है। पूर्व सीएम बीसी खंडूरी की बेटी ऋतु खंडूरी की जीत का श्रेय काफी हद तक योगी को दिया जा रहा है। इस सीट पर बीसी खंडूरी को हराने वाले सुरेंद्र सिंह नेगी चुनाव में काफी मजबूत दिख रहे थे, लेकिन योगी के जादू से चुनाव परिणाम बदलने में भाजपा को काफी फायदा हुआ है।












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