'V-TOP' पर्यटन सर्किट के जरिए उत्तरकाशी में ट्रेकिंग, साइकिलिंग, पहाड़ी संस्कृति से होंगे रूबरू,हो जाइए तैयार
उत्तरकाशी में 'V टॉप पर्यटन सर्किट' के जरिए तैयार नया ट्रेक
देहरादून, 7 सितंबर। अगर आप घूमने फिरने और ट्रेकिंग के शौकीन हैं तो एक नई जगह, एक नया टूरिस्ट डेस्टिनेशन सर्किट आपका इंतजार कर रही है। उत्तरकाशी में होटल एसोसिएशन और पर्यटन विभाग की पहल पर विश्व पर्यटन दिवस 27 दिसंबर से एक नया वी टॉप सर्किट लांच किया जा रहा है। जिसमें उत्तरकाशी की खूबसूरत वादियों के बीच,ट्रेकिंग, साइकिलिंग, पहाड़ी संस्कृति, गढ़ भोज और प्राकृतिक संम्पदाओं से आपको रूबरू कराया जाएगा। इसके लिए जोर-शोर से तैयारियां हो गई हैं।

करीब 3 घंटे का एक वी टॉप सर्किट तैयार
विश्व के पर्यटन मानचित्र पर उत्तरकाशी जिले का नाम तो कई ट्रेकिंग के लिए मशहूर है, लेकिन अब शहर की सुंदरता और इसके आसपास के पर्यटक स्थलों को नए सिरे से जोड़ने की उत्तरकाशी के कुछ युवाओं और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों ने पहल की है। इसके लिए करीब 3 घंटे का एक वी टॉप सर्किट तैयार किया गया है। जो कि उत्तरकाशी में वरूणावत पर्वत की तलहटी पर बनाए गए स्मृति वन से शुरू होकर संग्राली गांव तक पहुंचेगा।

वरूणावत इको ट्रेल भी कहा जा सकता
इस पूरे कार्यक्रम के समन्वयक के तौर पर काम कर रहे दीपेन्द्र पंवार ने बताया कि इसे वरूणावत इको ट्रेल भी कहा जा सकता है। जिसकी शुरूआत पर्यावरण प्रेमी प्रताप पोखरियाल की ओर से तैयार किए गए स्मृति वन की गई है। इस पैदल ट्रेक पर सबसे पहले स्मृति वन के लाखों पेड़, पौधे मिलेंगे। जिसमें हर प्रकार के वनस्पतियां और औषधीय गुणों से युक्त पौधें हैं। इसी स्मृति वन में प्रताप पोखरियाल ने सालों से कई पेड पौधों को संजोकर रखा है। इसके बाद पहुंचते हैं वरूणावत पर्वत पर। जहां पर एक डिजास्टर को लेकर छोटी सी ब्रीफिंग की जाएगी। सितंबर 2003 में एक माह तक जारी रहे वरुणावत भूस्खलन से उत्तरकाशी नगर में भारी तबाही मची थी। जिसका मंजर आज भी यहां के लोगों की आंखों में कैद है।

संग्राली गांव में कंडार मंदिर दर्शन, गांव में भ्रमण, गढ़ भोज की भी व्यवस्था
इसके बाद इस ट्रेक के दौरान संग्राली गांव में कंडार देवता मंदिर दर्शन, संग्राली गांव में भ्रमण, स्थानीय भोजन पकवान जिन्हें गढ़ भोज की भी व्यवस्था की गई है। साथ ही संग्राली गांव में इस दौरान रंगारंग कार्यक्रम भी आयोजित होगा। उन्होंने बताया कि कोशिश है कि ट्रेक को भविष्य के लिए ओर बेहतर तैयार किया जाए। साथ ही इसमें ज्यादा छेड़छाड़ या गढ़वाली लुक में ही रखा जाएगा। इसके लिए ग्रामीण भी आगे आकर श्रमदान करने की बात कर रहे हैं।

ट्रेक पर साइकिलिंग से लेकर टेलीस्कोप की व्यवस्था करने की भी तैयारी
जिससे यहां रोजगार भी मिलेगा। यहां पर होम स्टे को भी डेवलप किया जा रहा है। जिससे पर्यटक यहां रूककर प्रकृति का आनंद ले सकें। ट्रेक के बीच में आने वाले बग्याल गांव और पाटा को भी इससे जोड़ा गया है। जहां होम स्टे से रोजगार मिल सकेगा। इस ट्रेक पर साइकिलिंग से लेकर टेलीस्कोप की व्यवस्था करने की भी तैयारी चल रही है। इससे पहले होटल एसोसिएशन, पर्यटन एवं ट्रेकिंग व्यवसाय से जुड़े लोग पर्यटन विभाग से भी इस प्रोजेक्ट पर सहयोग मांग चुके हैं। जिसमें वरुणावत टॉप ट्रेक निर्माण की मांग की जा चुकी है।

वरुणावत तक 50 सदस्यीय पर्यटकों का दल साथ मे चलेगा
विश्व पर्यटन दिवस 27 सितंबर को वरुणावत इको ट्रेल को भव्य तरीके से मनाए जाने के लिये जिलाधिकारी अभिषेक रुहेला की अध्यक्षता में जिला सभागार में एक बैठक आयोजित हुई। पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित इस बैठक में होटल एसोसिएशन वरुणावत इको ट्रेल (v top ) में उत्तरकाशी जिओ ग्रिड दीवार के पीछे से वरुणावत तक 50 सदस्यीय पर्यटकों का दल साथ मे चलेगा। जिसमे जिलाधिकारी,विधायक गंगोत्री सहित अन्य भी ट्रेक में चलेंगे। V Top पहुचने के बाद संग्राली गांव में भगवान कंडार देवता भ्रमण, ग्राम भ्रमण, सांस्कृतिक कार्यक्रम, गढ़ भोजन होगा। विमलेश्वर ट्रेक पर पर्यटक भ्रमण करेंगे। उसके बाद संग्राली से उत्तरकाशी तक साइक्लिंग भी आयोजित होगी।। इस अवसर पर पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे, होटल एसोसिएशन अध्यक्ष शैलेन्द्र मटूड़ा, दीपेंद्र पंवार, मनोज रावत, प्रकाश भद्री, सुभाष कुमाएँ, प्रधान संग्राली संदीप सेमवाल, सभासद देवेन्द्र चौहान, हंसराज चौहान, अखिल पंत,ग्राम पाटा, बगयाल गांव जनप्रतिनिधि ,तिलक सोनी अन्य मौजूद रहे।।












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