Uttarakhand Rain: अल्मोड़ा और रानीखेत से संपर्क कटा, सिर्फ इमरजेंसी के लिए बचा है ईंधन
नई दिल्ली, 20 अक्टूबर: उत्तराखंड में एक बार फिर से भारी बारिश ने तबाही मचाई है। जिस वजह से दो बड़े इलाके रानीखेत और अल्मोड़ा से भी सड़क मार्ग के जरिए संपर्क कट गया। हालात ऐसे हैं कि वहां पर सिर्फ आपातकाल के लिए ही ईंधन बचा हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक वो मदद पहुंचाने की पूरी कोशिश कर रहे, लेकिन लगातार दूसरे दिन खैरना और गरमपानी क्षेत्र में भूस्खलन ने सड़क मार्ग को बाधित कर दिया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक देहरादून से करीब 320 किलोमीटर दूर स्थित रानीखेत में बहुत कम मात्रा में ईंधन उपलब्ध है। जिसे आपातकालीन स्थित के लिए सुरक्षित रखा गया है। कड़ी मेहनत की वजह से 24 घंटे बाद लो-वोल्टेज पर बिजली को बहाल कर दिया गया है, लेकिन अभी भी खराब मौसम की वजह से फाइबर ऑप्टिक केबल से जुड़ी टेलीफोन और इंटरनेट सेवाएं बंद हैं। वहीं दूसरी ओर देहरादून से 350 किलोमीटर दूर अल्मोड़ा में मंगलवार को 7 लोगों की मौत हुई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए NDRF और SDRF की टीमों को कई जगहों पर तैनात किया गया है। हाल ही में NDRF ने कुछ तस्वीरें साझा की थीं, जिसमें पक्की सड़कें मलबे में दबी नजर आ रहीं। जिसको हटाने में वक्त लग सकता है। इसके अलावा पर्यटकों के लिए खास एडवाइजरी जारी की गई, जो निकलने के लिए बोल्डर और कीचड़ से होकर रास्ता तय कर रहे हैं। ऐसे में उनके भूस्खलन की चपेट में आने का खतरा ज्यादा है।
राज्य सरकार के मुताबिक बारिश और भूस्खलन की घटनाओं में अब तक कम से कम 46 लोगों की मौत हुई है। जिसमें कुमाऊं क्षेत्र में सबसे ज्यादा 42 की मौतें हुईं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे भी किया था। साथ ही मृतकों के परिजनों के लिए 4 लाख के मुआवजे की घोषणा की। इसके अलावा जिनके घर तबाह हुए हैं, उन्हें 1.9 लाख रुपये दिए जाएंगे। सीएम ने भरोसा दिलाया कि बाद में सर्वे करके सबके नुकसान की भरपाई की जाएगी।












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