एक्शन में धामी सरकार, गलत तरीके से नौकरी पाने वालों पर प्रहार, अब इस परीक्षा को लेकर केस दर्ज
वन दारोगा की ऑनलाइन भर्ती परीक्षा में धांधली पर मुकदमा दर्ज
देहरादून, 5 अगस्त। भ्रष्टाचार और गलत तरीके से नौकरी पाने वालों के खिलाफ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक और बड़ा कदम उठाया है। पिछले साल हुई वन दारोगा की ऑनलाइन भर्ती परीक्षा में धांधली पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में 6 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है। सभी हरिद्वार जिले के रहने वाले हैं। ये परीक्षा भी अधीनस्थ चयन आयोग ने आयोजित की थी। लेकिन ये ऑनलाइन परीक्षा थी। ऐसे में ऑफलाइन के बाद अब ऑनलाइन परीक्षाओं की भी फाइलें खुलने लग गई है। अब तक प्रदेश में यूकेएसएससी स्नातक स्तरीय परीक्षा, सचिवालय रक्षक भर्ती विधानसभा में बैकडोर भर्तियां, पुलिस विभाग की दारोगा भर्ती और वन दारोगा की ऑनलाइन भर्ती की जांच चल रही है।

8 अभ्यर्थियों को संदिग्ध मानकर जांच, 6 ने एक ही जगह परीक्षा दी थी
सितंबर 2021 में वन दारोगा की ऑनलाइन भर्ती परीक्षा आयोजित हुई थी। 8 अभ्यर्थियों के नंबर काफी ज्यादा आए थे। इस पर आयोग को शक हुआ तो उत्तराखंड अधीनस्थ चयन आयोग के तत्कालीन सचिव संतोष बडोनी ने एसटीएफ को पत्र लिखकर परीक्षा में धांधली की आशंका जताई। परीक्षा एनएसईआटी एजेंसी के माध्यम से कराई गई। परीक्षा 16 से 25 सितंबर तक 18 पालियों में हुई। एसटीएफ की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि 8 में से 6 परीक्षार्थियों ने एक ही सेंटर में एग्जाम दिया और 4 को एक जैसी आईपी दी गई। जबकि दो को एक जैसी आईपी।
वन दारोगा की ऑनलाइन भर्ती परीक्षा में एसटीएफ 8 अभ्यर्थियों को संदिग्ध मानकर जांच शुरू कर रही है। इनमें से 6 आरोपियों ने एक ही जगह परीक्षा दी थी।

भर्ती घोटाले की जांच 22 जुलाई से शुरू, UKSSSC पेपर लीक जांच के आदेश
उत्तराखंड में भर्ती घोटाले की जांच 22 जुलाई से शुरू हुई जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भर्ती परीक्षा में हुई गड़बड़ी के संबंध में जांच के आदेश दिए। सीएम धामी के आदेश पर थाना रायपुर में मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले की जांच स्पेशल टास्क फोर्स को सौंपी गई है। इस मामले में एसटीएफ ने अब तक 34 लोगों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। जबकि 92 लाख कैश बरामद हो चुका है।

34 लोगों को पकड़ा, नकल माफिया अभी रडार पर
एसटीएफ ने इस हाईप्रोफाइल मामले में अब तक उत्तरकाशी के जिला पंचायत सदस्य हाकम सिंह, आयोग की परीक्षा कराने वाली कंपनी के मालिक समेत 34 लोगों को पकड़ा है। जबकि कई नकल माफिया अभी रडार पर हैं। परीक्षा में धांधली की बात सामने आने के बाद आयोग के अध्यक्ष एस राजू ने पहले ही इस्तीफा दे दिया है। जबकि सचिव संतोष बडोनी को सस्पेंड कर दिया गया है। स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा के बाद उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की सचिवालय रक्षक भर्ती परीक्षा में भी पेपर लीक की पुष्टि हुई है।

2015 पुलिस दारोगा भर्ती की भी विजिलेंस जांच
यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले में बड़े खुलासे के बाद 2015 पुलिस दारोगा भर्ती की भी जांच चल रही है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस दारोगा भर्ती की विजिलेंस से जांच कराने के निर्देश दिए थे। वर्ष 2015 में हुई दरोगा की सीधी भर्ती में कथित धांधली की खबरे सामने आई थी। शिकायत के बाद मामले में पुलिस मुख्यालय ने शासन को विजिलेंस जांच के लिए प्रस्ताव भेजा था। जिसके बाद मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में सतर्कता समिति की बैठक हुई।

यूकेएसएसएससी की पिछली 13 भर्ती परीक्षाएं भी अब संदेह के दायरे में
इसमें लंबे विचार.विमर्श के बाद मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए हैं। दावा है कि इसमें भी कुछ लोगों के गलत तरीके से पास होने की आशंका है।राज्य बनने के बाद तीसरी बार वर्ष 2015 में दरोगा की सीधी भर्ती हुई थी। इस परीक्षा के माध्यम से पुलिस में 339 दरोगा भर्ती हुए थे। परीक्षा पंतनगर विश्वविद्यालय ने कराई थी। यूकेएसएसएससी की पिछली 13 भर्ती परीक्षाएं भी अब संदेह के दायरे में हैं। एसटीएफ और विजिलेंस इनकी जांच कर रही हैं।

विधानसभा में हुई तदर्थ नियुक्तियों पर सवाल, सदस्यीय समिति का गठन
यूकेएसएसएससी पेपरलीक प्रकरण में हुए खुलासों के बीच प्रदेश की सियासत तब गरमा गई जबकि कांग्रेस ने भाजपा शासनकाल में विधानसभा में हुई तदर्थ नियुक्तियों पर सवाल उठा दिए। कांग्रेस का आरोप था कि इन नौकरियों में भाजपा नेताओं के कई करीबी और रिश्तेदार हैं। कांग्रेस ने उत्तराखंड विधानसभा की करीब 73 लोगों की तदर्थ भर्तियों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। जिसके बाद से नियुक्ति पाने वालों के नामों की सूची सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इसके बाद कांग्रेस सरकार में कांग्रेस सरकार में तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल के कार्यकाल में 158 भर्तियां को लेकर भी सवाल उठे। जिसमें से कई स्पीकर कुंजवाल के भी करीबी बताए गए। मुख्यमंत्री ने इस तरह के आरोपों के बाद स्पीकर ऋतु खंडूरी भूषण को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की। जिसके बाद स्पीकर ने 3 सदस्यीय समिति का गठन कर एक माह में रिपोर्ट सौंपने को कहा है।












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