Uttarakhand nikay chunav 2024: प्रवर समिति का बढ़ाया गया कार्यकाल,कांग्रेस का आरोप फिर चुनाव टालना चाहती BJP
उत्तराखंड में 10 नवंबर को निकाय चुनाव को लेकर कार्यक्रम जारी हो जाएगा। इससे पहले सरकार की ओर से तैयारियां तेज हो गई है। इस बीच नगर निकायों में ओबीसी आरक्षण का परीक्षण कर रही प्रवर समिति का कार्यकाल एक माह और बढ़ा दिया गया है।
प्रवर समिति को विधानसभा अध्यक्ष को एक माह में रिपोर्ट सौंपनी थी। उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959) संशोधन विधेयक के लिए विधानसभा ने प्रवर समिति गठित कर अधिसूचना जारी की थी।

शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल को समिति का सभापति बनाया गया है। जबकि पक्ष-विपक्ष के छह विधायकों को सदस्य नामित किया गया था। विधेयक में नगर निकायों में ओबीसी आरक्षण का परीक्षण कर प्रवर समिति को विधानसभा अध्यक्ष को एक माह में रिपोर्ट सौंपनी थी। जिसके बाद चुनाव की तस्वीर साफ होगी। प्रवर समिति का कहना है कि 2011 की जनगणना के आधार पर जिस तरह 2018 के निकाय चुनाव हुए थे, वैसे ही ओबीसी आरक्षण इस बार के चुनाव में भी दिया जाएगा।
उधर प्रवर समिति का कार्यकाल बढ़ाने पर कांग्रेस ने भाजपा को हार का डर सताने की वजह बताई है। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि उत्तराखंड की भाजपा सरकार व सत्ता धारी पार्टी भारतीय जनता पार्टी को निकाय चुनावों में हार का डर सता रहा है इसीलिए सरकार किसी ना किसी बहाने निकाय चुनावों को टालना चाहती है।
उन्होंने कहा कि पहले कभी परिसीमन के बहाने तो कभी जाती गणना तो कभी पिछड़े वर्ग के आरक्षण के बहाने सरकार चुनाव टालती रही और अब विधानसभा की प्रवर समिति का कार्यकाल एक माह और आगे करने से स्पष्ट है कि सरकार व भाजपा का आत्मविश्वास बद्रीनाथ और मंगलौर के उप चुनाव के नतीजों से डगमगाया हुआ है इसलिए अभी तो फिलहाल सरकार चुनाव से भाग रही है।अब जिस तरह से विधानसभा की प्रवर समिति का कार्यकाल एक माह के लिए बड़ा दिया है उससे फिर एक बार चुनावों को टालने का बहाना सरकार तलाश रही है।












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