Uttarakhand news: पांच से आठ फरवरी तक देहरादून में होगा विधानसभा सत्र, जानिए क्यों ऐतिहासिक होगा सत्र
उत्तराखंड विधानसभा का पांच फरवरी से आठ फरवरी तक विधानसभा सत्र देहरादून में होगा। इसको लेकर विधानसभा सचिवालय ने सत्र की अधिसूचना जारी कर दी है। सत्र में सरकार समान नागरिक संहिता और राज्य आंदोलनकारियों व उनके आश्रितों को सरकारी सेवाओं में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण विधेयक सदन में पेश करेगी।

बता दें कि इस बार का सत्र ऐतिहासिक होने जा रहा है। यूसीसी को लेकर जिस तरह से सरकार कदम बढ़ा रही है, सत्र में यूसीसी को लेकर सरकार के फैसले के बाद इसे लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन जाएगा।
इसके साथ ही लंबे समय से राज्य आंदोलनकारियों के क्षैतिज आरक्षण का मामला लटका हुआ है। इस बार इसे भी पास करवाया जाएगा। इस कदम के बाद धामी सरकार अब तक की सरकारों से कड़े और बड़े फैसले लेने में आगे निकल जाएगी।
विधानसभा सचिवालय से मिली जानकारी के अनुसार 5 फरवरी से शुरू हो रहे सत्र में वार्षिक प्रतिवेदन रिपोर्ट भी पटल पर रखा जाएगा। बता दें कि इससे पहले बीते साल विधानसभा का मानसून सत्र पांच से आठ सितंबर तक चला था, जिसमें सरकार ने अनुपूरक बजट समेत 14 विधेयक पारित किए थे, लेकिन राज्य आंदोलनकारियों के आरक्षण विधेयक पारित नहीं हुआ था।
विधानसभा अध्यक्ष ने बिल को प्रवर समिति को सौंपा। मानसून सत्र का सत्रावसान नहीं किया गया था। अब इसी सत्र को आगे बढ़ाया गया है। विधानसभा सचिवालय ने सत्र की अधिसूचना जारी कर सभी सदस्यों को सूचना भेज दी है। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने बताया कि सत्र के लिए सभी तैयारियां पूरी हैं। सत्र से पहले कार्यमंत्रणा की बैठक में सदन संचालित करने के लिए एजेंडा तय किया जाएगा।
यूसीसी को लेकर खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी पहले ही ऐलान कर चुके हैं। जबकि राज्य आंदोलनकारियों के आरक्षण संबंधी बिल को लेकर संसदीय कार्य मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल ने सत्र में प्रवर समिति की रिपोर्ट को पेश करने और इसे लागू करने की बात कर चुके हैें।












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