Uttarakhand news: बारिश का कहर, बरसाती नाले उफान पर, पूर्णागिरि धाम आए 5 हजार श्रद्धालुओं को किया गया रेस्क्यू
उत्तराखंड में मानसून से पहले ही बारिश का कहर सामने आने लगा हैं। चंपावत के पूर्णागिरि मार्ग पर अचानक बारिश के कारण एक बरसाती नाले के उफान पर आ जाने से हजारों की संख्या में श्रद्धालु फंस गए। जिन्हें एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू करवाया।
मां पूर्णागिरि धाम के दर्शन करने आए तीर्थ यात्रियों के लिए बारिश आफत बनकर आई। हजारों श्रद्धालु बाटनागाड़ बरसाती नाले में भारी मलबा आने से फंस गए। प्रशासन और एसडीआरएफ ने मार्ग में फंसे 5 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को रेस्क्यू कर गंतव्य को रवाना किया।

यात्रा मार्ग में फंसे तीर्थ यात्रियों की भोजन की व्यवस्था भी प्रशासन द्वारा कराई गई। टनकपुर से पूर्णागिरि धाम जाने वाला मार्ग बाटनागाड़ बरसाती नाले के पास घंटो बंद रहा। मानसून सीजन के चलते 15 जून को मेला समाप्त होने के बावजूद भी उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न इलाकों से तीर्थ यात्री मां पूर्णागिरि धाम के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
पहाड़ों में हो रही बारिश के बाद टनकपुर पूर्णागिरि मार्ग पर आने वाले बरसाती नालों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस-प्रशासन अलर्ट मोड पर है। भारी बारिश को देखते हुए प्रशासन की ओर से इंतजाम किए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं से मौसम को देखते हुए यात्रा करने की अपील की जा रही है।
एसडीआरएफ से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार 18 जून 2025 को सूचना प्राप्त हुई कि पूर्णागिरि मार्ग पर अचानक वर्षा के कारण एक बरसाती नाले में जलस्तर अत्यधिक बढ़ गया है, जिससे बड़ी संख्या में श्रद्धालु मार्ग में फँस गए हैं। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम तत्काल बांटना गाड़ क्षेत्र की ओर रवाना हुई।
बांटना गाड़ में रोड में मालवा आने और रोड टूटने के कारण यात्री गधेरे से होते हुए गंतव्य स्थान को जा रहे थे। एसडीआरएफ टीम द्वारा टीन, लकड़ी के टुकड़े व पत्थरों की सहायता से वैकल्पिक मार्ग तैयार कर लगभग 5 हजार श्रद्धालुओं को सुरक्षित रेस्क्यू कर मुख्य मार्ग तक पहुँचाया गया।












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