Uttarakhand News: पहाड़ों में गुलदार के साथ ही अब भालुओं का आतंक, डरा रहे आंकड़े,चौंकाने वाली मानी जा रही वजह
Uttarakhand News: उत्तराखंड में गुलदार के साथ ही अब भालुओं का आतंक भी बढ़ने लगा है। उत्तरकाशी क्षेत्र में लगातार आबादी क्षेत्र में भालुओं के आतंक से ग्रामीण परेशान हैं। भालू फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ ही लोगों पर हमले भी कर रहे हैं।
हाल ही में अस्सी गंगा घाटी के सेकू गांव में खेतों में काम कर रही बुजुर्ग महिला पर भालू ने अचानक हमला कर दिया। मंगलवार शाम को सेकू गांव निवासी 70 वर्षीय प्यारदेई अपने खेतों में काम कर रही थी, इसी दौरान भालू ने हमला कर दिया। हमले में उनके चेहरे पर गंभीर चोटें आई।

आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाकर किसी तरह भालू को वहां से भगाया। भालू के हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। ग्रामीणों ने घायल को निजी वाहन से जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने उसका प्राथमिक उपचार कर हायर सेंटर रेफर कर दिया है। घटना के बाद वन विभाग भी अलर्ट मोड पर है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग की ओर से फिर भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना के बाद वन विभाग के उच्च अधिकारियों से फोन पर सम्पर्क किया गया। लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। बता दें कि पहाड़ों में लगातार भालुओं का आतंक बढ़ता जा रहा है। खासकर उत्तरकाशी और चमोली जिलों के पहाड़ी और बफीले इलाकों में। पिछले कुछ समय में चमोली जिले के जोशीमठ और घाट क्षेत्रों से भालुओं के हमलों की कई घटनाएं सामने आई हैं।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसके लिए बदलती भौगोलिक परिस्थिति भी जिम्मेदार है। बताया जा रहा है कि इस बार पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी बेहद कम हुई है और ठंड भी देर से पड़ी है। सामान्य तौर पर नवंबर के आरंभ तक ऊंचे इलाकों में बर्फ की मोटी परत जम जाती थी, जिससे भालू अपने बिलों में चले जाते थे। लेकिन इस बार बर्फ की कमी और जंगलों में भोजन की उपलब्धता घटने से भालू असामान्य रूप से सक्रिय बने हुए हैं। इससे उनमें बेचैनी और आक्रामकता बढ़ रही है। 2025 में अब तक 10 माह में भालुओं के हमले में 4 की मौत हो चुकी है, जबकि 41 घायल हो चुके हैं। जिस पर वन विभाग चिंतित नजर आ रहा है।












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