Uttarakhand news: सांसदों के निलम्बन के बहाने देहरादून में INDIA गठबंधन का शक्तिप्रदर्शन, जानिए सियासी मायने
लोकसभा एवं राज्यसभा से विपक्षी दलों के सांसदों के निलम्बन को लेकर विपक्षी दलों ने देहरादून में भी राजभवन कूच कर शक्ति प्रदर्शन किया। जिसके जरिए इंडिया गठबंधन ने एकजुटता दिखाने की कोशिश की। बता दें कि लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस समेत विपक्षी दल देशभर में इंडिया गठबंधन के जरिए चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी में है।

ऐसे में देहरादून में किया गया प्रदर्शन इंडिया गठबंधन की उत्तराखंड में नींव रखने की शुरूआत मानी जा रही है। पहली बार देहरादून में इंडिया गठबंधन की ओर से कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, सीपीआई,सीपीआई एम, सीपीआई एमएल दल के सीनियर नेता मौजूद रहे। इस कूच का नेतृत्व कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने किया।
लोकसभा एवं राज्यसभा में संसद की सुरक्षा में हुई चूक के मसले पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहे विपक्षी दलों के 143 सांसदों की निलम्बन की कार्रवाई के विरोध में देहरादून में भी विपक्षी दलों ने राजभवन कूच किया। जहां से राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन प्रेषित किया। प्रदर्शन सुबह 10 बजे से कांग्रेस भवन कार्यालय से शुरू हुआ। जहां से विरोध-प्रदर्शन व नारेबाजी के साथ राजभवन की ओर कूच किया। हाथीबड़कला पर बेरिकेडिंग कर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया। यहां पार्टी की ओर से ज्ञापन सौंपा गया।
राजभवन कूच के दौरान पुलिस द्वारा गिरफ्तार इंडिया गठबंधन के नेताओं प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस करण माहरा, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या, सीपीआई के प्रदेश सचिव समर भंडारी,सीपीआई एम के प्रदेश सचिव राजेन्द्र सिंह नेगी, सीपीआई एमएल के प्रदेश सचिव इंद्रेश मैखुरी जब कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस लाइन पहुंचे तो वहां जोरदार नारेबाजी करने के बाद सभा आयोजित की गई।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि आज का प्रदर्शन इस मायने में बहुत सफल रहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाने के लिए इंडिया गठबंधन के सभी प्रमुख नेता पहुंचे और आखिर तक डटे रहे। सभी ने एक सुर में एकजुट होकर इंडिया गठबंधन को मजबूती के साथ एक हो कर संघर्ष करने की बात कही।
लोकसभा चुनाव से पहले इंडिया गठबंधन का देहरादून में शक्ति प्रदर्शन भले ही कांग्रेस के लिए बड़ी जीत मानी जा रही है। इस शक्ति प्रदर्शन से कांग्रेस को संजीवनी भी मिली। लेकिन जिन दलों ने कूच और शक्तिप्रदर्शन में कांग्रेस के साथ कंधे से कंधा मिलाया उन दलों का पिछले विधानसभा चुनाव में कुछ खास प्रदर्शन नहीं रहा है।
इतना ही नहीं उपचुनाव में भी इन दलों ने अपने अपने प्रत्याशी मैदान में उतारे। बागेश्वर में समाजवादी पार्टी उपचुनाव लड़ा चुकी है। उत्तराखंड की वर्तमान विधानसभा में भाजपा, कांग्रेस के अलावा बहुजन समाज पार्टी और निर्दलीय विधायक हैं। ऐसे में आने वाले चुनावों में इंडिया गठबंधन का उत्तराखंड में क्या भविष्य होगा और किस दल को कितना फायदा होगा। ये कहना आसान नहीं है।












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