उत्तराखंड मानसून सत्र: पहले दिन सदन में शांति, सड़क पर यूकेडी का बवाल, दूसरे दिन हंगामे के आसार
सदन के अंदर दिवंगत विधायकों को किया गया याद
देहरादून, 23 अगस्त।
उत्तराखंड विधानसभा के मानसून सत्र का सोमवार को आगाज हो गया। पहले दिन पर्यावरणविद् स्व. सुंदरलाल बहुगुणा, पूर्व नेता प्रतिपक्ष स्व.इंदिरा हृदयेश और दिवंगत विधायकों को श्रद्धांजलि दी गई। सदन के बाहर यूकेडी के कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर सड़क पर जमकर बवाल काटा।

स्व.इंदिरा हृदयेश को सीएम और नेता विपक्ष ने किया गया याद
मानसून सत्र के पहले दिन सीएम पुष्कर सिंह धामी और विधानसभा के सदस्यों द्वारा पर्यावरणविद् स्व. सुंदरलाल बहुगुणा को सदन की गैलरी में श्रद्धांजलि दी गई। सदन में प्रवेश करते समय उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री सहित सभी मंत्री गणों एवं विधायकों द्वारा स्व. बहुगुणा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद दिवंगत विधायकों को सदन में श्रद्धांजलि दी गई। सीएम समेत सभी विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष रही स्व.इंदिरा हृदयेश, गंगोत्री के विधायक गोपाल रावत, हरिद्वार के पूर्व विधायक अम्बरीष कुमार, पूर्व शिक्षा मंत्री नरेंद्र भंडारी, पूर्व विधायक बच्ची सिंह रावत को सदन में श्रद्धांजलि अर्पित की। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह को भी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान सीएम और नेता प्रतिपक्ष ने दिवंगत नेता प्रतिपक्ष स्व.इंदिरा हृदयेश से जुड़े पुराने अनुभवों को याद किया।
30 विधायक वीडियो कॉफ्रेंसिंग से जुड़े
कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए सदन में 40 विधायकों के बैठने की व्यवस्था की गई है। जबकि 30 विधायक प्रकाश पंत भवन के कक्ष संख्या 107 में बैठे हैं। जहां से वे वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सदन की कार्यवाही में शामिल हो रहे हैं। ये व्यवस्था पूरे सदन की कार्यवाही के दौरान रहेगी। जो कि 5 दिन तक प्रस्तावित है।
मंगलवार को हंगामे के आसार
पहले दिन सदन के अंदर शांति रही। लेकिन दूसरे दिन से सरकार विधायी के कामकाज निपटाने की कोशिश करेगी। लेकिन विपक्ष ने भी देवस्थानम, फर्जी कोरोना टेस्टिंग, भू कानून और रोजगार जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार की है। इसके अलावा विपक्ष द्वारा लगाए गए सवालों के जवाब भी राज्य सरकार को मुश्किल में डालने का काम करेंगे। जिससे सदन में हंगामा होना तय है।
यूकेडी ने सड़क पर दिखाया शक्ति प्रदर्शन
सदन के अंदर भले ही पहले दिन शांति नजर आई लेकिन सड़कों पर यूकेडी और फार्मासिस्टों ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर विरोध किया। लंबे समय के बाद यूकेडी के कार्यकर्ताओं ने एकजुटता दिखाते हुए विभिन्न मांगों को लेकर विधानसभा कूच किया। पुलिस प्रदर्शनकारियों को रिस्पना पुल के पास बैरिकेडिंग पर रोका। जिसके बाद सड़क पर बैठकर यूकेडी ने अपना विरोध प्रदर्शन किया। विधानसभा सत्र के दौरान अपनी शक्ति प्रदर्शन कर रहे बेरोजगार प्रशिक्षित एलोपैथिक फार्मासिस्ट संघ ने सचिवालय कूच किया। जिन्हें पुलिस ने हिरासत में लेकर बाद में छोड़ दिया। बेरोजगार प्रशिक्षित एलोपैथिक फार्मासिस्ट संघ स्वास्थ्य मंत्री से मिलने की मांग पर अड़े हैं।












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