Dharavi Redevelopment Project: सिंगापुर, हॉन्ग-कॉन्ग जैसे होंगे धारावी के फ्लैट्स, कब हो जाएंगे तैयार?
Dharavi Redevelopment Project: मुंबई के सबसे चर्चित प्रोजेक्ट-धारावी रीडेवलपमेंट-को लेकर महाराष्ट्र सरकार ने कई ताजा अपडेट दिए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दावा किया कि ये प्रोजेक्ट सिंगापुर और हांगकांग जैसे मॉर्डन रेजिडेंसियल डेवलेपमेंट मॉडल की तर्ज पर आगे बढ़ाया जाएगा।
सरकार का लक्ष्य है कि धारावी को सिर्फ पुनर्विकसित न किया जाए, बल्कि इसे एक समावेशी और आधुनिक टाउनशिप के रूप में विकसित किया जाए, जहां स्थानीय लोगों की आजीविका और पहचान सुरक्षित रहे।

10,000 घरों का लक्ष्य कब होगा पूरा?
मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि प्रोजेक्ट का पहला चरण मार्च 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस चरण में लगभग 10,000 घरों का निर्माण कर पात्र निवासियों को सौंपने की प्लानिंग है। सरकार का दावा है कि यह प्रोजेक्ट निर्धारित समय के अनुसार आगे बढ़ेगा और इसके लिए सभी विभागों में बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा।
स्थानीय पहचान और आजीविका पर फोकस
फडणवीस ने जोर देकर कहा कि धारावी के रीडेवलेपमेट में वहां के सोशल और इंडस्ट्रियल स्टक्चर को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। स्थानीय कारीगरों, छोटे उद्योगों और निवासियों की आजीविका को सुरक्षित रखना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बदलाव के केंद्र में धारावी के लोग ही रहेंगे और उनकी पहचान को संरक्षित किया जाएगा।
कुम्हारवाड़ा का संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत
परियोजना के तहत विशेष रूप से कुम्हारवाड़ा क्षेत्र के संरक्षण पर भी ध्यान दिया जा रहा है। यह इलाका केवल मिट्टी के बर्तनों के पारंपरिक कारोबार का केंद्र नहीं है, बल्कि धारावी की सांस्कृतिक और पर्यटन पहचान का भी अहम हिस्सा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी हितधारकों से बातचीत कर ऐसा समाधान निकाला जाए जिससे इस विरासत की निरंतरता बनी रहे।
नेचर पार्क और हरित विकास की योजना
धारावी रीडेवलपमेंट में पर्यावरण संतुलन को भी प्राथमिकता दी जा रही है। प्रस्तावित 'नेचर पार्क' में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण और हरियाली बढ़ाने की योजना शामिल है। सरकार का उद्देश्य है कि इस शहरी पुनर्निर्माण के साथ-साथ एक बेहतर पर्यावरण भी विकसित किया जाए।
सिंगल विंडो सिस्टम से तेज मंजूरी प्रक्रिया
परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर भी जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने एक विशेष प्रकोष्ठ (सेल) बनाने के निर्देश दिए हैं, जो सभी आवश्यक अनुमतियों को सिंगल-विंडो सिस्टम के माध्यम से तेजी से मंजूरी दिलाएगा।
मुंबई के लिए एक नई शहरी पहचान की ओर
सरकार का दावा है कि ये प्रोजेक्ट केवल धारावी का कायाकल्प करेगी, बल्कि मुंबई को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान भी दिलाएगी। यह योजना केवल इमारतों के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि एक शहरी और सामाजिक बदलाव का मॉडल बनने की ओर बढ़ रही है।












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