उत्तराखंड में सीएम के नाम को लेकर 21 मार्च को होगी विधायक दल की बैठक, दिल्ली पहुंचे पुष्कर सिंह धामी
उत्तराखंड में सीएम के नाम को लेकर 21 मार्च को होगी विधायक दल की बैठक, दिल्ली पहुंचे पुष्कर सिंह धामी
देहरादून, 20 मार्च: उत्तराखंड में सीएम चेहरा कौन होगा, इसको लेकर अभी भारतीय जनता पार्टी के अंदर मंथन का दौर चल रहा है। इस बीच उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष मदन कौशिक ने जानकारी देते हुए बताया कि 21 मार्च को विधानसभा के सभी नवनिर्वाचित सदस्य को सुबह 11 बजे शपथ दिलाई जाएगी। इसके बाद शाम करीब 5 बजे विधायक दल की बैठक होगी। इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी भी शामिल होंगे। विधायक दल की बैठक से पहले पार्टी हाईकामन के बुलावे पर कार्यवाहक सीएम पुष्कर सिंह धामी, मदन कौशिक और रमेश पोखरियाल 'निशांक' समेत पूर्व सीएम त्रिवेंद सिंह रावत दिल्ली पहुंच गए।

शाह के आवास पर बुलाई गई बैठक में शामिल होने से पहले कार्यवाहक सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड की जनता ने एक मिथक तोड़ा है और लगातार दूसरी बार भाजपा की सरकार बनाई है। सरकार गठन की प्रक्रिया चल रही है। मुख्यमंत्री के नाम पर बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व फैसला लेगा। तो वहीं, उत्तराखंड सरकार के गठन के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के आवास पर आयोजित बैठक में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और पार्टी नेता बीएल संतोष और सतपाल महाराज पहुंचे।
ऐसा बताया जा रहा है कि सीएम चेहरे तय करने को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर पार्टी नेताओं की यह बैठक बुलाई गई है। दरअसल, प्रदेश में बहुमत की सरकार आने के बाद भी भाजपा नई सरकार के गठन को लेकर पेशोपेश में है। जानकारों का ऐसा दावा है कि नई सरकार के गठन को लेकर केन्द्रीय नेतृत्व 2024 के सभी समीकरणों को ध्यान में रखकर ही किसी निर्णय पर आना चाहती है। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की राय ही सबसे अहम मानी जा रही है। जो कि ऐसे युवा चेहरे पर दांव खेलना चाहते हैं जो कि लोकसभा चुनाव तक केन्द्र की योजनाओं का सही तरह से क्रियान्वयन कर सके।
इसके साथ ही 5 साल तक सभी विधायकों को एकजुट कर सरकार चलाना भी सबसे बड़ी चुनौती होगी। अब तक दो बार भाजपा की सरकार रही और दोनों बार 3 बार सीएम बदलने पड़े। पहली बार चेहरे दो रहे लेकिन दूसरी बार 3 चेहरे आए। जिससे पार्टी को कई बार किरकिरी का भी सामना करना पड़ा। तो वहीं, 4 साल तक सत्ता संभालने वाले त्रिवेंद्र सिंह रावत के अनुभव को पार्टी तवज्जो देगी या एक बार फिर पुष्कर सिंह धामी को सीएम बनाकर सभी को चौंका देंगी। यह तो आने वाला वकत ही बताएगा।












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