स्टार्टअप्स के लिए आयोजित आइडिया चैलेंज में टॉप 20 सुझावों को उत्तराखंड सरकार देगी 2 लाख का कैश प्राइज
स्टार्टअप्स के आइडिया चैलेंज सुझावों में कैश प्राइज बढ़ाया
देहरादून, 28 मई। उत्तराखंड सरकार ने स्टार्टअप्स के लिए आयोजित आइडिया चैलेंज के अंतर्गत टॉप 10 सुझावों को दिए जाने वाले 50 हजार रुपए का कैश प्राइज को बढ़ाकर टॉप 20 सुझावों को 2 लाख रुपए का कैश प्राइज दिए जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने बताया कि इंक्यूबेटर्स को दिए जाने वाले ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस एक्सपेंसेज को 2 लाख से बढ़ाकर 5 लाख किए जाने और कैपिटल ग्रांट को 1 करोड़ से 2 करोड़ किए जाने के भी निर्देश दिए गए है।

प्रदेश में स्टार्टअप को बढ़ावा देने को पॉलिसी में सुधार किए जाने की बात
मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु की अध्यक्षता में उत्तराखण्ड स्टार्टअप काउंसिल की बैठक में ये निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने प्रदेश में स्टार्टअप को बढ़ावा दिए जाने के लिए लगातार पॉलिसी में सुधार किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप और इंक्यूबेटर्स को सरकार द्वारा लगातार सहयोग दिया जाए। मुख्य सचिव ने फोकस सेक्टर को सीमाओं में न बांधते हुए सभी सेक्टर्स में फोकस किए जाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्टार्टअप्स के साथ मासिक रूप से बैठकें आयोजित कर उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए लगातार प्रयास किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने आइडिया शेयरिंग के लिए उद्योग विभाग, इंक्यूबेटर और स्टार्टअप्स का एक व्हाट्सएप ग्रुप के साथ ही डिपार्टमेंट की वेबसाइट में ऐसा सिस्टम डेवलप करने के निर्देश दिए जिससे आपस में आइडियाज और जानकारियां साझा की जा सकें। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को स्टार्टअप की दिशा ने कुछ न कुछ किए जाने के निर्देश दिए, ताकि इससे प्रत्येक क्षेत्र में स्टार्टअप को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को इन्नोवेटिव आइडिया के साथ ही अन्य राज्यों द्वारा किए जा रहे अच्छे आइडियाज को तुरंत अपनाए जाने के भी निर्देश दिए। ऐसे आइडियाज जो अच्छे तो हैं, परन्तु किसी कारण से उन्हें फंडिंग नहीं मिल पा रही है, उनके लिए सरकारी सिस्टम को सहयोग के लिए आगे आने की आवश्यकता बताई।
रोपवे प्रोजेक्ट्स की सभी प्रोजेक्ट्स के लिए टाइम लाइन्स निर्धारित
मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने उत्तराखण्ड में रोपवे प्रोजेक्ट्स की समीक्षा के दौरान सभी प्रोजेक्ट्स की प्रगति की जानकारी ली। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को सभी प्रोजेक्ट्स के लिए टाइम लाइन्स निर्धारित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक स्टेप के लिए प्रत्येक स्तर पर टाइम लाइन निर्धारित किए जाने की बात कही। उन्होंने सभी प्रोजेक्ट्स की डीपीआर और फॉरेस्ट और अन्य प्रकार की क्लियरेंस की कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिए। सचिव दिलीप जावलकर ने बताया कि सोनप्रयाग - गौरीकुंड - केदारनाथ रोपवे और गोविंदघाट - घांघरिया - हेमकुंड साहिब रोपवे की डीपीआर को अंतिम रूप दिया जा रहा है, जबकि पंचकोटी से बौराड़ी, बलाती बैंड से खलिया टॉप, ऋषिकेश से नीलकंठ, औली से गोरसों और रानीबाग से हनुमान टेंपल रोपवे प्रोजेक्ट्स की डीपीआर हेतु कंसल्टेंट नियुक्त कर दिया गया है।












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