उत्तराखंड: चुनावी साल में कर्मचारियों ने बढ़ाई बीजेपी की टेंशन, अब सचिवालय और निगम कर्मचारियों ने भरी हुंकार
चुनावी साल में अधिकतर राज्य कर्मचारियों के संगठन आंदोलन की राह पर
देहरादून, 14 सितंबर। उत्तराखंड में चुनावी साल में राज्य कर्मचारियों का आंदोलन खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। अधिकतर संगठनों का लंबे समय से सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। तो कुछ संगठन सरकार के खिलाफ मुखर हो गए है। सचिवालय संघ ने लंबित मांगों का निराकरण न होने और गोल्डन कार्ड की खामियों के दूर न होने पर संघ ने 16 सितंबर से आंदोलन का ऐलान कर दिया है। इसमें काली फीती बांध कर काम करने से लेकर सामूहिक अवकाश की चेतावनी भी है।

चरणबद्ध होगा आंदोलन
सचिवालय संघ के अध्यक्ष दीपक जोशी ने बताया कि 16 व 17 सितंबर को सचिवालय संघ अपनी लंबित मांगों से से संबंधित अनुभागों एवं सक्षम स्तर पर होने वाली कार्यवाही की जानकारी ली जाएगी। 20 सितंबर से 22 सितंबर तक सचिवालय संघ के सभी सदस्य काली फीती बांधकर अपना विरोध प्रकट करते हुए कार्य करेंगे। 23 सितंबर को सचिवालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर तीन घंटे तक धरना दिया जाएगा। 24 सितंबर को सचिवालय के द्वार नंबर तीन पर धरना दिया जाएगा। 27 सितंबर को सचिवालय प्रशासन व राज्य संपत्ति विभाग के अधिकारियों के कक्षों के बाहर धरना दिया जाएगा। 28 सितंबर को कार्मिक व वित्त विभाग के अधिकारियों के कक्ष के बाहर धरना होगा। 29 सितंबर से लेकर एक अक्टूबर तक लगातार तीन दिन दो घंटे का कार्य बहिष्कार किया जाएगा। चार अक्टूबर से छह अक्टूबर तक चार घंटे का कार्य बहिष्कार,सात अक्टूबर को सचिवालय संघ के सभी सदस्य अवकाश पर रहेंगे। आठ अक्टूबर को संघ के सभी सदस्य प्रतीकात्मक विरोध स्वरूप अपने सीयूजी नंबर बंद रखेंगे। 11 अक्टूबर को सचिवालय परिसर स्थित एटीएम चौक पर आमसभा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें अनिश्चितकालीन हड़ताल की तिथि घोषित की जाएगी।
फोन बंद कर जता रहे विरोध
पुरानी एसीपी की व्यवस्था लागू करने समेत 14 सूत्रीय मांगों को लेकर बिजली निगमों के आंदोलनरत कार्मिकों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। कर्मचारी सुबह गेट मीटिंग में मांगों पर चर्चा करने के बाद शाम को कार्मिक फोन बंद कर विरोध जता रहे हैं। कार्मिकों ने छह अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है। विद्युत अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर प्रत्येक मंगलवार व शनिवार को गेट मीटिंग की जा रही है। जबकि, शाम को पांच बजे के बाद सभी कार्मिक फोन बंद कर विरोध जता रहे हैं। कार्मिकों ने कहा कि जब तक मांगों को लेकर शासनादेश जारी नहीं किया जाता, आंदोलन जारी रहेगा। 23, 25 व 27 सितंबर को तीनों ऊर्जा निगमों के मुख्यालय पर एक-एक दिन सत्याग्रह किया जाएगा।
नगर निकाय कर्मचारियों की हड़ताल, पब्लिक परेशान
देहरादून में नगर निकाय कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर 19 सितंबर तक उनकी मांगें न मानी गईं तो वह 20 सितंबर से सूबे में बेमियादी हड़ताल पर चले जाएंगे। जिसमें सामान्य कर्मचारियों के साथ समस्त सफाई कर्मचारी भी सम्मिलित होंगे। निकाय कर्मचारी छह सितंबर से आंदोलन पर हैं व पहले चरण में उन्होंने छह से आठ सितंबर तक समस्त नगर निकाय में काले फीते बांध काम किया था। इसके बाद नौ-दस सितंबर को सुबह दस बजे से 11 बजे तक समस्त नगर निकायों में गेट मीटिंग व धरना प्रदर्शन किया गया। आंदोलन के चरण में कर्मचारी सोमवार को एक दिवसीय हड़ताल पर रहे। अब 16 सितंबर से 18 सितंबर तक समस्त नगर निकायों में क्रमिक धरना-प्रदर्शन करने का कार्यक्रम है और 20 सितंबर से समस्त नगर निकायों में बेमियादी हड़ताल पर जाने की तैयारी है। कर्मचारियों की हड़ताल से निगम में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, भवन कर, प्रकाश, ठेलियों का लाइसेंस नवीनीकृत, से लेकर चालान जुर्माना जमा नहीं हुआ।












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