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Tungnath temple दुनिया के सबसे ऊंचे शिव मंदिर के खुल गए कपाट, जानिए पंच केदार का पौराणिक महत्व

केदारनाथ के साथ ही आज तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट भी पूरे विधि विधान के साथ खोल दिए गए हैं। इस मौके पर दुनिया के सबसे ऊंचे शिव मंदिर तुंगनाथ मंदिर को भव्य रूप से फूलों से सजाया गया था।

पहले दिन करीब ढाई हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा तुंगनाथ के दर्शन किए। तुंगनाथ की उत्सव डोली 7 मई को मर्केटेश्वर मंदिर से भूतनाथ मंदिर प्रवास के लिए आ गयी थी।

Tungnath temple doors of world highest Shiva temple opened know mythological importance Panch Kedar

9 मई को चोपता में प्रवास कर आज 10 मई को सुबह डोली तुंगनाथ मंदिर पहुंची। डोली पहुंचने के बाद दोपहर 12 बजे तुंगनाथ मंदिर के कपाट विधि-विधान से खोल दिए गए। कपाट खुलने के बाद भगवान तुंगनाथ के स्वयंभू शिवलिंग को समाधि रूप से जगाकर श्रृंगार रूप दिया गया। उसके बाद श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।

तुंगनाथ मंदिर पंचकेदार (तुंगनाथ, केदारनाथ, मध्य महेश्वर, रुद्रनाथ और कल्पेश्वर) में सबसे ऊंचाई पर स्थित है। धार्मिक मान्यतों के अनुसार यहां पर शिवजी भुजा के रूप में विद्यमान हैं। इसीलिए तुंगनाथ मंदिर में भगवान शिव की भुजाओं की पूजा होती है।

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित तुंगनाथ पंच केदारों में सबसे ऊंचा मंदिर है। बताया जाता है कि इस मंदिर का निर्माण भी पांडवों ने ही कराया था। मंदिर चोपता से तीन किमी दूर स्थित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव को शादी के लिए प्रसन्न करने के लिए माता पार्वती ने यहां पर तपस्या की थी।

पंच केदार उत्तराखंड में भगवान शिव के पांच मंदिरों का समूह है। पौराणिक मान्यता है कि पंच केदार का निर्माण पांडव व उनके वंशजों ने करवाया था। पंच केदार में सबसे पहले आता है केदारनाथ धाम। जो कि 12 ज्योर्तिलिंग के साथ ही चारों धाम में से एक है।

इसके बाद द्वितीय केदार मध्यमेश्वर तृतीय केदार तुंगनाथ व चतुर्थ केदार रुद्रनाथ और पंचम केदार कल्पेश्वर हैं। इनमें से चार केदार शीतकाल में बंद रहते हैं जबकि पंचम केदार कल्पेश्वर वर्षभर खुले रहते हैं।

पौराणिक मान्यता है कि केदारनाथ में भगवान शिव बैल की पीठ की आकृति-पिंड के रूप में पूजे जाते हैं। मध्यमेश्वर में भगवान की नाभि, तुंगनाथ में भुजा, रुद्रनाथ में मुख और कल्पेश्वर में जटा दर्शन होते हैं। पंच केदार रुद्रप्रयाग और चमोली जिले में स्थित है।

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