Uttarakhand: उत्तरकाशी में बाघ का आतंक, गांव में चलेगा स्कूल, बच्चों को छोड़ने आएंगे अभिभावक
बीते डेढ़ माह से उत्तरकाशी का चिन्यालीसौड़ बाघ के आतंक से डरा हुआ है। स्कूलों के छात्र छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए गांव के पंचायत भवन या अन्य सरकारी भवनों में अस्थाई तौर पर स्कूल संचालित करने के निर्देश दिए हैं।
उत्तराखंड के कई जिलों में बाघ का आतंक बना हुआ है। हालात ये हैं कि कई गांवों में आम लोगों का जीना मुश्किल है। बच्चों का स्कूल, आम जन जीवन सब अस्त व्यस्त हो गया है। बीते डेढ़ माह से उत्तरकाशी का चिन्यालीसौड़ बाघ के आतंक से डरा हुआ है। इन दिनों गर्मियों की छुट्टियां होने की वजह से बच्चों की सुरक्षा की कोई डर नहीं सता रही थी। लेकिन अब 1 जुलाई से स्कूल खुलने जा रहे हैं। ऐसे में बाघ के डर से सुरक्षा का खतरा चिंता सता रहा है। इसे देखते हुए शिक्षा विभाग ने ऐसे स्कूलों को गांव में ही चलाने का निर्णय लिया है।

उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ ब्लॉक के चार संकुल में गुलदार की दहशत को देखते हुए स्कूल अब गांव में ही चलेंगे। विभाग ने निर्देश जारी कर चिन्यालीसौड़ में जो स्कूल ग्रामीण बस्ती से बाहर हैं, उन स्कूलों के छात्र छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए गांव के पंचायत भवन या अन्य सरकारी भवनों में अस्थाई तौर पर स्कूल संचालित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा गया है कि छात्र छात्राओं के उनके अभिभावक ही स्कूल पहुंचाएं।
चिन्यालीसौड़ में करीब डेढ़ माह से गुलदार की दहशत है। बीते डेढ़ माह में 2 महिलाओं को गुलदार अपना निवाला बना चुका है। जबकि अभी भी गुलदार की चहलकदमी लगातार बनी हुई है। जिस वजह से सभी लोग डरे हुए हैं। 1 जुलाई से गर्मियों की छुट्टियां खत्म हो रही है। जिसके बाद स्कूल खुलने वाले हैं। अभिभावकों और शिक्षकों को बच्चों की सुरक्षा की चिंता सता रही है। ऐसे में शिक्षा विभाग ने पुख्ता सुरक्षा इंतजाम करने के लिए स्कूलों को गांव में ही चलाने के निर्देश दिए हैं।












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