धामी सरकार की मुश्किलें बढ़ा सकता है ये मुद्दा, कांग्रेस को मिली बड़ी संजीवनी, जानिए क्या है मामला

पुलिसकर्मियों का 4600 ग्रेड पे का मामला

देहरादून, 10 जनवरी। उत्तराखंड में चुनाव का शंखनाद होते ही सत्ताधारी भाजपा की मुश्किलें बढ़ गई है। पुलिसकर्मियों के ग्रेड पे के मामले में कोई निर्णय न हो पाने के कारण आंदोलन कर रहे परिजनों ने अब चुनाव में भाजपा को सबक सिखाने के लिए विरोध तेज कर दिया है। इसके लिए कांग्रेस का समर्थन मांगने के साथ ही विरोध में कई पुलिसकर्मियों के इस्तीफे देने की सोशल मीडिया में खबरें वायरल होने के बाद प्रदेश की धामी सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जिसका नुकसान भाजपा को चुनाव में होना तय है।

This issue can increase the problems of Dhami government, Congress got a big life, know what is the matter

पुलिसकर्मियों के 4600 ग्रेड पे का मामला

प्रदेश में चुनाव से पहले धामी सरकार ने कई जनहित के फैसले लेकर डेमेज कंट्रोल करने की कोशिशें तो की लेकिन पुलिसकर्मियों के 4600 ग्रेड पे के मामले में ठोस निर्णय न होने के कारण सरकार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। राज्य सरकार उत्तराखंड पुलिस के सिपाहियों के पहले बैच को 4600 ग्रेड पे की जगह दो लाख रुपये एकमुश्त दिए जाने के आदेश जारी हुए हैं। इससे पुलिसकर्मियों के परिजनों में खासा नाराजगी है। पहले से आंदोलन कर रहे पुलिसकर्मियों के परिजनों ने अब इसे चुनावी मुद्दा बनाने का ऐलान कर दिया है। इसके लिए कांग्रेस के नेताओं से भी समर्थन जुटाया जा रहा है। पुलिसकर्मियों के प​रिजनों ने नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत से मुलाकात कर इस मुद्दे को चुनावी घोषणा पत्र में शामिल करने की मांग की है। इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर सिपाहियों के इस्तीफे की खबरें वायरल होने के बाद सरकार की नींद उड़ गई है।

सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप

पुलिसकर्मियों के परिजनों का कहना है कि उत्तराखंड पुलिस में सबसे पहले वर्ष 2001 में भर्ती हुई थी। इस बैच के सिपाहियों को 20 साल की सेवा के बाद 4600 ग्रेड पे दिए जाने की बात कही गई थी। वर्ष 2021 में बीस साल का पूरा होते ही सोशल मीडिया पर इसको लेकर आंदोलन शुरू हुआ। बाद में परिजन सड़कों पर उतर आए। आंदोलन उग्र होता देख अक्तूबर में डीजीपी ने मांग को पूरा करने का आश्वासन दिया था। इसके बाद 21 अक्तूबर को पुलिस स्मृति दिवस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सितंबर 2021 से 4600 ग्रेड पे का लाभ देने की घोषणा की, लेकिन दो माह बाद भी शासनादेश जारी नहीं हो पाया। जिससे नाराज होकर पुलिसकर्मियों के परिजन फिर से आंदोलन तेज हो गया।

दो लाख रुपये एकमुश्त देने का आदेश जारी

बीते 27 दिसंबर को डीजीपी ने शासन की ओर से फिर उन्हें आश्वासन दिया और कहा कि 31 दिसंबर को कैबिनेट में इस संबंध में फैसला हो जाएगा। लेकिन कैबिनेट से मुख्यमंत्री को इस फैसले के लिए अधिकृत कर दिया। आचार संहिता लगने से पहले सरकार ने दो लाख रुपये एकमुश्त देने का आदेश जारी कर दिया। जिसके बाद परिजन भड़क गए हैं। इस आदेश के बाद ये माना जा रहा है कि अब ग्रेड पे के मामले में सरकार बैकफुट पर आ गई है। ऐसे में अब विधानसभा चुनाव में इसका खामियाजा भाजपा को भुगतना पड़ सकता है। इसका कारण परिजनों का आंदोलन तेज करना और कांग्रेस के साथ मिलकर इसकी लड़ाई लड़ने के संकेत हैं। इधर सोशल मीडिया में इस दायरे में आने वाले कुछ पुलिसकर्मियों के इस्तीफे की खबरें वायरल हो रही हैं। जिसमें मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र खटीमा के भी कर्मी होने का दावा किया जा रहा है। जिससे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भाजपा की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

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