पीएम के केदारनाथ दौरे की इस घोषणा को लेकर मचा अब बवाल, पूर्व सीएम हरीश रावत बोले 2016 में कर चुका हूं ये काम
पीएम मोदी के संबोधन में हेमकुंड साहिब रोपवे का जिक्र, हरीश रावत ने किया हमला
देहरादून, 9 नवंबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केदारनाथ दौरे को लेकर शुरू हुई राजनीति खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। पहले पीएम मोदी के गर्भ गृह का सीधा प्रसारण उसके बाद पीएम के जूते के साथ परिक्रमा करने का आरोप और अब पीएम मोदी के संबोधन में हेमकुंड साहब रोपवे का जिक्र करने को लेकर कांग्रेस हमलावर हो गई है। पूर्व सीएम हरीश रावत का कहना है कि रोपवे की डीपीआर 2016 में उनके सीएम रहते ही हो गया था। जिसे सरकार 5 साल दबा कर रखी है।

रोपवे पर राजनीति
उत्तराखंड में हिंदू आस्था के प्रतीक धार्मिक स्थल हैं। जहां देश विदेश से श्रद्धालु पहुंचते हैं। सिखों के पवित्र तीर्थ स्थल हेमकुंड साहिब भी इन्हीं में से एक है। अब चुनावी साल में धार्मिक आस्था के प्रतीक स्थलों पर विकास कार्यों को लेकर राजनीति शुरू हो गई है। भाजपा ने हेमकुंड साहब रोपवे को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी का आभार जताया है। पीएम ने अपने केदारनाथ दौरे के दौरान हेमकुंड साहिब रोपवे का जिक्र किया था। जिसके बाद से उत्तराखंड में सिख समुदाय सीएम पुष्कर सिंह धामी और पीएम नरेंद्र मोदी का आभार जता रहे हैं।

हरदा का आरोप, 5 साल तक दबा के रखी फाइल
इस पर पूर्व सीएम हरीश रावत ने आपत्ति जताई है। हरीश रावत का कहना है कि वे ये काम 2016 में करके गए थे। जिसका शिलान्यास किया और उसकी डीपीआर भारत सरकार को सबमिट कर दी थी। हरीश रावत का आरोप है कि लगभग साढ़े 5 साल जो सरकार उस डीपीआर के ऊपर बैठी रही और हेमकुंड साहब को जिन्होंने रोपवे से वंचित रखा, उनको बधाइयां मिल रही हैं और वो भी ऐसे समय में जबकि राज्य सरकार के पास लगभग एक-डेढ़ महीने का समय है। रावत ने कहा कि अब तो हेमकुंड साहब रोपवे के मामले में जो कुछ भी करेगी, वो नई सरकार करेगी। वैसे हमारे समाज में तो आजकल हर बात के लिए धन्यवाद देने का चलन है, तो मैं सिख संगतो को रोकूंगा नहीं, वो लगभग साढ़े 5 साल की डिले करवाने के लिए यदि प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को धन्यवाद दे रहे हैं तो अच्छी बात है।

8 जगहों पर बनने हैं रोपवे
उत्तराखंड में हिंदुओं के पवित्र तीर्थ स्थल केदारनाथ मंदिर और सिखों के पवित्र धर्म स्थान हेमकुंड साहिब की यात्रा समेत तीर्थ स्थलों और टूरिस्ट के आकर्षण वाली कई जगहों पर रोपवे की सुविधा उपलब्ध करवाने पर फोकस करना शुरू कर दिया है। रोपवे हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 8 जगहों पर विकसित किए जाने हैं। केंद्र सरकार ने परिवहन मंत्रालय को ऐसी जगहों पर रोपवे विकसित करने की जिम्मेदारी सौंपी है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 8 रोपवे बनाने की तैयारी है, जिनमें महत्वपूर्ण तीर्थ स्थानों के अलावा टूरिस्ट स्पॉट भी शामिल हैं। एनएचएआई से इन दोनों पहाड़ी राज्यों में रोपवे विकसित करने के लिए कहा गया है। जिन 8 जगहों पर रोपवे बनाए जाने हैं, उनमें पवित्र केदारनाथ मंदिर और हेमकुंड साहिब के अलावा नैनीताल में हनुमान मंदिर तक और चमोली में घनगरिया तक रोपवे विकसित किया जाएगा। उधर हिमाचल में जिन जगहों की रोपवे के लिए पहचान की गई है, उनमें तारा देवी मंदिर, हाटू पीक, चुंजा ग्लेशियर और भरमाणी मंदिर शामिल हैं। हिमाचल प्रदेश में कुल 42.5 किलोमीटर लंबी रोपव बनाई जाएगी, जबकि उत्तराखंड में इसकी कुल लंबाई 29 किलोमीटर होगी।












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