गंगोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद, 20 नवंबर तक बंद हो जाएंगे चारों धाम के कपाट

विश्व प्रसिद्ध तीर्थ गंगोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद, उत्‍सव डोली रवाना

देहरादून, 5 नवंबर। विश्व प्रसिद्ध तीर्थ गंगोत्री धाम के कपाट शुक्रवार को गोवर्धन पूजा और अन्नकूट के पर्व पर शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। 11:45 बजे शुभ मुहूर्त पर मां गंगा के कपाट विधि विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद हो गएा मां गंगा की उत्‍सव डोली के साथ तीर्थ पुरोहित और सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। अब मां गंगा के दर्शन 6 माह मुखबा गांव में होंगे। जो कि मां गंगा का मायका है। शनिवार को यमुनोत्री और केदारनाथ धाम के कपाट भी बंद होने जा रहे हैं। 20 नवंबर को बद्रीनाथ मंदिर के कपाट बंद होंगे। इस तरह से 20 नवंबर तक उत्तराखंड के चारोंधामों के कपाट बंद हो जाएंगे।

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    गंगोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद, 20 नवंबर तक बंद हो जाएंगे चारों धाम के कपाट
    11:45 पर बंद हुए कपाट

    11:45 पर बंद हुए कपाट

    शुक्रवार 5 नवंबर को गोवर्धन पूजा और अन्नकूट के पर्व पर कपाट बंद हुए। श्री 5 मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने बताया कि मां गंगा की उत्सव डोली का स्नान और श्रृंगार किया गया। इसके बाद पूजा-अर्चना सुबह 7:51 से शुरू हुई। जो सुबह 9:00 बजे तक चली। उसके बाद ठीक 11:45 बजे शुभ मुहूर्त पर मां गंगा के कपाट आगामी 6 माह के लिए बंद कर दिए गए। इस दौरान आर्मी बैंड की धुन और मां गंगा के जयकारे के साथ उत्सव डोली रवाना हुई। सैकड़ों की संख्या में देश विदेश के श्रद्धालु इस पुण्य पर्व के साक्षी बने। डोली का रात्रि प्रवास मार्कण्डेय पूरी में स्थित भगवती मन्दिर में होगा। कल सुबह शनिवार को प्रातः पूजा अर्चना के पश्चात माता की उत्सव डोली मुखवा (मुखीमठ) के लिए प्रस्थान होगी। जहां ग्रामीणों ने मां गंगा के स्वागत के लिए तैयारियां कर दी है। मुखबा गांव मां गंगा का मायका कहा जाता है। यहीं मां गंगा शीतकाल में प्रवास करती है।

     20 को बद्रीनाथ के कपाट होंगे बंद

    20 को बद्रीनाथ के कपाट होंगे बंद

    शुक्रवार को गंगोत्री धाम के कपाट बंद होने के साथ ही इस सीजन की चारधाम यात्रा का शीतकालीन प्रवास शुरू हो गया है। शनिवार 6 नवंबर को यमुनोत्री धाम के कपाट भैया दूज के अवसर पर दोपहर 12.30 बजे बंद होंगे। यमुनोत्री धाम में कपाट बंद होने की तैयारियां शुरू हो गई है। मंदिर में सजावट और पूजा अर्चना को लेकर तैयारियां की जा रही है। शनिवार को ही केदारनाथ के कपाट भी बंद किए जाएंगे। बाबा केदार की डोली शनिवार को अपने शीतकाल प्रवास के लिए रवाना होगी। 20 नवंबर को बद्रीनाथ मंदिर के कपाट बंद होंगे। इस तरह से 20 नवंबर तक उत्तराखंड के चारोंधामों के कपाट बंद हो जाएंगे।

    साढ़े 4 लाख श्रद्धालु कर चुके हैं दर्शन

    साढ़े 4 लाख श्रद्धालु कर चुके हैं दर्शन

    कोविड के कारण विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा की शुरुआत 18 सितंबर को हुई थी। बता दें कि इस बार चारधाम तीर्थयात्रियों की संख्या रिकॉर्ड साढ़े चार लाख से ज्यादा पहुंच गई है, जिसमें से दो लाख से अधिक तीर्थयात्री अब तक केदारनाथ धाम पहुंचे हैं। शुक्रवार तक गंगोत्री धाम में 32841, यमुनोत्री धाम में 33046, केदारनाथ 236580, बद्रीनाथ 142978 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इस तरह से 454610 श्रद्धालु इस साल दर्शन कर चुके हैं। चारधाम यात्रा स्थानीय लोगों का आर्थिकी का सबसे बड़ा जरिया है। लेकिन कोविड के चलते पिछले सालों में लोगों को काफी नुकसान झेलना पड़ा है। शुरूआत में राज्य सरकार ने यात्रा को लेकर कोविड प्रोटोकॉल का पालन करवाया जिसमें कुछ सख्त नियम रखे गए थे। बाद में स्थानीय लोगों के विरोध और पुरोहितों के आंदोलन के बाद सरकार ने श्रद्धालुओं की संख्या में तय की गई संख्या को खत्म कर दिया। इसके बाद से ही श्रद्धालुओं की संख्या में खासा इजाफा हुआ। हालांकि देवस्थानम बोर्ड का मुद्दा भी इस साल यात्रा सीजन के दौरान खासा चर्चा में रहा है। अब सरकार ने 30 नवंबर तक का समय तीर्थ पुरोहितों से मांगा है।

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