मिलिए पहाड़ की 24 साल की क्वीन मार्केटिंग से, WhatsApp के जरिए कैसे स्टार्टअप से दिखा रही दूसरों को रास्ता
एक सोच जिदंगी के साथ समाज की सोच को भी बदल सकती है। अगर आप में कुछ करने का जज्बा है तो ये सब मुमकिन है। इस तरह की मिसाल पेश कर रही हैं 24 साल की बीना टम्टा।
जो कि पहाड़ों में क्वीन ऑफ मार्केटिंग का सपना लिए, रोज 100 से 150 किमी का सफर तय करती हैं। इस दौरान उनके पास एक बैग होता है, जिसमें वह कई प्रकार के लोगों के काम के सामान लेकर चलती हैं।

चाय की दुकान हो या कोई ऑफिस, हर जगह पहुंच
चाय की दुकान हो या कोई भी ऑफिस। बीना इसी तरह चलती फिरती दुकान से सामान बेचती हुई नजर आती हैं। हर कोई एक बार रुककर सामान जरुर चेक करते हैं और कई खरीद भी लेते हैं। इस तरह बीना ने पहाड़ों में अपने हजारों कस्टमर बना लिए हैं। जो कि जरुरत मंद सामान को आनलाइन मंगाते हैं।
यूट्यूब चैनल के जरिए भी डबल काम
बीना खुद ही यूपी, दिल्ली से सामान लाकर कस्टमर के घर तक पहुंचाती हैं। मार्केटिंग के साथ साथ अब बीना ने ब्लॉगिंग करना भी शुरू कर दिया है। इससे वे कुछ पैसा भी कमा लेती हैं और घूमने फिरने का शौक पूरा करने के साथ प्रोडेक्ट भी बेच रही हैं। बीना के यूट्यूब चैनल का नाम है Beena UK 02 the Queen of Marketing। बीना सात साल से इस तरह संघर्ष करते हुए अब अपने घर वालों की आर्थिक मदद भी कर रही हैं।
12 वीं पास करने के बाद से काम शुरू
बागेश्वर के बोलना नाघेर की रहने वाली बीना टम्टा का गांव बागेश्वर से 28 किमी दूर है। घर में माता पिता के अलावा छोटा भाई है। पिता खेती बाड़ी कर घर चलाते हैं। 4 बहिनों में बीना सबसे छोटी बहन हैं बाकि तीनों बहनों की शादी हो गई है। घर के हालात ज्यादा अच्छे नहीं थे तो बीना ने 12 वीं पास करने के बाद कुछ दिन रुद्रपुर के सिडकुल में नौकरी की लेकिन 6 माह बाद ही कुछ हटकर करने की ठानी।
2017 से घूम रही पहाड़ों में
बीना घर पर बल्ब को रिपेयर करने का काम भी करती थी। इसी काम को करते करते उन्हें आनलाइन प्रोडेक्ट बेचने की सूझी। 2017 से उन्होंने इस तरह पहाड़ों में घूमकर सामान बेचना शुरू किया। जहां एक तरफ घूमना फिरना भी हो जाता था, वहीं थोड़ा बहुत पैसा भी कमा लेती थी। शुरूआत में घर वालों ने इसका विरोध किया, घर वालों का मानना था कि पहाड़ों में बेटियां इस तरह का काम नहीं करती हैं। लेकिन बीना ने कुछ करने की ठानी और घर वालों से लड़ झकड़कर धीरे धीरे प्रोडेक्ट लाकर बेचना शुरू कर दिया।
व्हाट्सएप बिजनेस के केटालॉग फीचर का इस्तेमाल
इसके लिए उन्होंने व्हाट्सएप बिजनेस के केटालॉग फीचर का इस्तेमाल किया। यहां पर वे ऐसे प्रोडेक्ट की डिटेल शेयर करती, जो कि लोगों के रोजमर्रा के काम की है। उसके जरिए उन्हें धीरे धीरे डिमांड आने लगी। जिन्हें वे खुद स्कूटी पर देने पहुंच जाती। बीना का कहना है कि पहाड़ों में आनलाइन शॉपिंग के सामान उपलब्ध कराने वाली कंपनियां हर जगह प्रोडेक्ट नहीं पहुंचाती है। लेकिन वह लोगों और पर्यटकों की इन डिमांड को पूरा कर देती हैं। बीना ने बताया कि एक दिन में इस तरह से वे 1 हजार से 15 सौ रुपए तक बचा लेती हैं।
नहीं मिल रहा नई लड़कियों का साथ
उन्होंने कहा कि वे इस काम में अपने साथ पहाड़ की बेटियों को जोड़ना चाहती हैं। इसके लिए उन्होंने कई बार कोशिश भी की। वे चाहती है कि लोन लेकर काम को बढ़ाएं और कई युवतियों को रोजगार दें। लेकिन पहाड़ों में इस तरह लड़कियों के काम मार्केटिंग को सही नहीं मानते। जिससे वे अवना काम नहीं बढ़ा पा रही हैं। उनके पास काम भी है, रोजगार भी दे सकती हैं। लेकिन लड़कियां नहीं मिल पा रही हैं। बीना आगे भविष्य में अपनी वेबसाइट बनाकर आनलाइन शॉपिंग को बढ़ावा देना चाहती हैं। जिसको वे कुरियर के जरिए भी कर सकती हैं।












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