रुद्रप्रयाग में मदमहेश्वर ट्रेक पर वैकल्पिक पुल बहा,पर्यटक फंसे,SDRF ने हेली से ऐसे चलाया रेस्क्यू
उत्तराखंड में भारी बारिश से कई जगह नुकसान हुआ है। रुद्रप्रयाग जिले में मदमहेश्वर ट्रेक पर गोडार के पास बना वैकल्पिक पुल बह गया।
इससे वहां लगभग 100 लोग फंस गए। इस बीच एसडीआरएफ को सूचना मिलते ही रेस्क्यू कार्य शुरू किया गया है। जिससे अब तक 10 लोगों को रेस्क्यू कर हेली के माध्यम से सुरक्षित स्थान पर भिजवा दिया गया है।

अन्य लोगों को भी सुरक्षित पहुंचाने का काम जारी है। ट्रैक पर फंसे पर्यटकों में यूपी, दिल्ली, गुजरात और तेलगांना के पर्यटक शामिल थे। जिनमें से 70 लोगों को रेस्क्यू कर दिया गया है
द्वितीय केदार मदमहेश्वर यात्रा के आधार शिविर बनातोली में मोरखंडा नदी पर बना लकड़ी का अस्थायी पुल नदी में समा गया है। बताया जा रहा है कि मदमहेश्वर धाम में लगभग 100 तीर्थ यात्रियों सहित स्थानीय व्यापारी फंस गये हैं।
मदमहेश्वर घाटी में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से मोरखंडा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि देखने को मिल रही है। विगत वर्ष अगस्त 2023 को मोरखंडा नदी में 70 के दशक में बना लोहे का गार्डर पुल मोरखंडा नदी की तेज धाराओं में समा गया था। तब भी प्रशासन द्वारा मदमहेश्वर धाम में फंसे 500 से ज्यादा तीर्थ यात्रियों का हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू कर रांसी गांव पहुंचाया था।
लोहे के गार्डर पुल के मोरखंडा नदी में समाने के बाद लोक निर्माण विभाग द्वारा लकड़ी का अस्थायी पुल बनाकर आवाजाही शुरू की गयी थी। वो भी बह गया है।
एसडीआरएफ से मिली जानकारी के अनुसार आज 26 जुलाई 2024 को आपदा प्रबंधन, रुद्रप्रयाग द्वारा SDRF टीम को सूचित किया गया कि मदमहेश्वर ट्रैक पर गोडार नामक स्थान पर नदी पर बना वैकल्पिक पुल टूट गया है, बताया गया कि मदमहेश्वर ट्रैक पर कुछ लोग है, जो की सुरक्षित हैं। सूचना पर SI भगत कंडारी के नेतृत्व में SDRF की टीमें तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई।
सेनानायक मणिकांत मिश्रा के निर्देश पर एक अतिरिक्त टीम बैकअप के रूप में घटनास्थल के लिए रवाना की गई। इसके बाद मदमहेश्वर ट्रेक पर गोंडार के पास फंसे लोगों को निकालने के लिए SDRF की एक टीम इंस्पेक्टर अनिरुद्ध भंडारी के नेतृत्व में हेलीकॉप्टर के माध्यम से मद्महेश्वर से 05 किलोमीटर नीचे नानू नामक स्थान पर पहुंच गई हैं, वहां पर करीब 25 से 30 लोग हैं।
अभी तक 10 लोगों को रेस्क्यू कर हेली के माध्यम से सुरक्षित स्थान पर भिजवा दिया गया है। बाकी लोगों को भी जल्द ही रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाएगा। SDRF की एक अन्य टीम पोस्ट अगस्त्यमुनि से पैदल मार्ग से होते हुए घटनास्थल पर पहुँच चुकी है।












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