राहुल गांधी केदारनाथ की शरण में, प्रियंका ने संभाला चुनावी मैदान, बहन ने एक बार फिर ऐसे निभाया भाई का साथ
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी तीन दिन तक केदारनाथ में रहने के बाद दिल्ली लौट आए। इस बीच पांच राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की ओर से प्रियंका गांधी ने चुनावी मैदान को संभाला। राहुल और प्रियंका, भाई बहन की जोड़ी अक्सर एक दूसरे की ढाल बनते हुए नजर आते है।

कई मौके पर प्रियंका ने राहुल को सपोर्ट कर उनको आगे बढ़ाने में मदद की है। राहुल की भारत जोड़ो यात्रा हो या फिर पार्टी के अंदर राहुल गांधी को लेकर किसी भी तरह का विरोधाभास। प्रियंका गांधी ने हमेशा राहुल गांधी को बहन होने का पूरी जिम्मेदारी निभाई है। ऐसा ही इस बार प्रियंका ने राहुल की केदारनाथ यात्रा के दौरान मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ जैसे चुनावी राज्यों में कमान संभालकर भूमिका निभाई।
कांग्रेस के लिए राहुल और प्रियंका चुनाव में स्टार प्रचार की भूमिका में नजर आते हैं। कांग्रेस के लिए दोनों का चुनाव प्रचार में रहना जरुरी माना जाता है। लेकिन इस बार चुनावी प्रचार के बीच राहुल गांधी ने केदारनाथ में तीन दिन बिताने का निर्णय लिया। जिस पर भाजपा ने भी सवाल किए। लेकिन राहुल गांधी ने केदारनाथ से भी अपने राजनीतिक विपक्षियों को करारा जबाव दिया।
जिस तरह केदारनाथ में राहुल केदारनाथ की भक्ती में रंगे नजर आए और भक्तों को रात में चाय और दिन में भंडारे का प्रसाद वितरण किया। वो राहुल की नई छवि और इमेज बनाने में कामयाब रहा है। राहुल से मिलने को कई लोग बेताब नजर आए। इस बीच कई लोगों ने राहुल के साथ सेल्फी भी खिंचाई।
राहुल ने धाम से किसी को निराश नहीं किया। इतना ही नहीं केदारनाथ से निकलते समय अपने चचेरे भाई वरुण गांधी से भी मुलाकात कर एक नई पहल की है। राहुल कांग्रेस के सीनियर नेता हैं तो वरुण गांधी भाजपा से जुड़े हैं। ऐसे में राहुल ने केदारनाथ से बड़ा संदेश देने में कामयाब रहे हैं। इसके साथ ही राहुल की इस धार्मिक यात्रा से कांग्रेस को चुनाव में फायदा हो सकता है। जिस तरह भाजपा, कांग्रेस पर हिंदू विरोधी छवि होने का आरोप लगाती आ रही है। उस पर राहुल गांधी की केदारनाथ यात्रा इसकी काट मानी जा रही है।












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