उत्तराखंड में पोस्टल बैलेट तो बहाना है, कहीं और निशाना है, जानिए क्यों कांग्रेस आए दिन कर रही चिंता
कांग्रेस कर रही आए दिन पोस्टल बैलेट को लेकर सवाल खड़े
देहरादून, 5 मार्च। उत्तराखंड में मतगणना से पहले सियासी दलों में पोस्टल बैलेट को लेकर घमासान मचा हुआ है। कांग्रेस आए दिन पोस्टल बैलेट को लेकर सवाल खड़े करते आ रही है। साथ ही पोस्टल बैलेट प्रक्रिया को लेकर भी निर्वाचन आयोग को कई बार संज्ञान लेने की अपील कर चुके हैं। पोस्टल बैलेट को लेकर कांग्रेस की चिंता का कारण कई सीटों पर नजदीकी फाइट बताई जा रही है। कांग्रेस को इस बात का भी डर है कि जिन सीटों पर नजदीकी मामला हो सकता है। वहां पोस्टल बैलेट हार-जीत का कारण बन सकता है। ऐसे में कांग्रेस पोस्टल बैलेट को लगातार मुद्दा बना रही है।

प्रदेश अध्यक्ष और हरीश रावत हमलावर
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इस बार पोस्ट बैलेट सूची पर ही सवालिया निशान लगा दिए हैं। गणेश गोदियाल का कहना है कि यह जानकारी में आया है कि छुट्टी पर आए सैन्य कर्मियों, रिटायर और यहां तक कि दिवंगत लोगों के ना पर भी पोस्टल बैलेट आए हैं। यह बेहद गंभीर विषय है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी से इसकी जांच की मांग की जा रही है। जो भी पोस्टल बैलेट विवादित हो, उसे निरस्त कर जांच और पात्र व्यक्ति को मतदान का अधिकार दिया जाए। पूर्व सीएम हरीश रावत ने रुद्रपुर की पीएससी वाहनियों के पोस्टल बैलेट न पड़ने पर चिंता जाहिर की है। रावत का कहना है कि यह पीएसी के जवानों के अधिकारों का तो हनन है ही। साथ ही मेरे लिए भी एक चुनौतीपूर्ण सवाल खड़ा हो गया है। यह सीधा सीधा मेरे चुनावी हितों से जुड़ा मामला है। चुनाव की निष्पक्षता पर एक सवाल, एक ही सेंटर में एक ही व्यक्ति के द्वारा डाले गये वोटों ने खड़ा किया है। तो दूसरा सवाल लालकुआं क्षेत्र से संबंध रखने वाले पुलिसकर्मी मतदाताओं के बैलेट का उन तक न पहुंचना भी खड़ा कर रहा है। निष्पक्ष पर्यवेक्षकों को आज नहीं तो कल चुनाव प्रणाली के साथ जुड़े हुए लोगों को देना ही पड़ेगा।
भाजपा भी कर रही पलटवार
कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा भी लगातार पलटवार करने में जुटी है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस पोस्टल बैलेट में गड़बड़ी का हल्ला मचाकर सर्विस मतदाताओं विशेषकर सैन्य और अर्द्धसैनिकबलों के जवानों पर अनावश्यक दबाब बनाने का कार्य कर रही है। पार्टी प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस के नेता सोची समझी रणनीति के तहत चुनाव प्रक्रिया पर रोजाना स्वाल खड़े कर मतदाताओं को नकारात्मक रूप से प्रभावित करने का काम कर रहे है। उन्होने अपील की कि चुनाव आयोग को इस सारे प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए उचित कार्यवाही कर ऐसे तमाम नेताओं के बयानों पर तत्काल रोक लगानी चाहिए। चौहान ने पूर्व सीएम हरीश रावत और अन्य तमाम कांग्रेस नेताओं को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि कांग्रेस को चुनावों में अपनी हार स्पष्ट नज़र आ रही है तभी वह डाक मतदान पत्रों को लेकर अनर्गल आरोप लगाकर शेष डाक मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने का काम कर रही है। उनकी कोशिश न केवल मतदान प्रक्रिया को सुचारु रखने वाले कर्मियों पर दबाब बनाने की है बल्कि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर भ्रम फैलाकर नकारात्मक माहौल से शेष मतदाताओं मे संशय में डालकर मतप्रतिशत को कम करना है।
काफी अहम है सर्विस वोटर
प्रदेश में कुल एक लाख 40 हजार 358 सर्विस वोटरों को ई-मेल के माध्यम से पोस्टल बैलेट भेजे गए थे। जो कि कई सीटों पर निर्णायक भूमिका में रह सकते हैं। 2017 में हुए विधानसभा चुनाव के परिणाम में 70 सीटों में से 5 सीटों पर एक हजार या एक हजार से कम का अंतर रहा था। जो कि जीत और हार का काफी कम अंतर रहा था। ऐसे में पोस्टल बैलेट को लेकर कांग्रेस की चिंता बनी हुई है। जिस तरह के रुझान और फीडबैक मिल रहे हैं, उसमें कई सीटों में हार-जीत का अंतर काफी कम रहने वाला है। कांग्रेस को चिंता है कि भाजपा अपने गलत अधिकारों का प्रयोग कर सर्विस वोट से चुनाव परिणाम पर असर डाल सकते हैं। जिससे चुनाव परिणाम पर असर पड़ना तय है।












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