उत्तराखंड: 200 वर्ग मीटर तक के घर के लिए नक्शा पास कराने की जरूरत नहीं
Dehradun news, देहरादून। पर्वतीय क्षेत्रों में अपना घर बनाने के लिए नक्शा पास कराने की जरूरत नहीं है। सरकार की ओर से 200 वर्ग मीटर तक का घर बनाने के लिए नक्शा पास कराने और शुल्क में छूट प्रदान की गई है। यह मामला विधानसभा में भी उठ चुका है। इस पर अब सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है। जिला विकास प्राधिकरणों के गठन के बाद से पर्वतीय क्षेत्रों में लोगों के सामने काफी कठिनाईयां आ रही हैं। नक्शा पास कराने और शुल्क जमा कराने को लेकर लोगों में नाराजगी बनी हुई है। विधानसभा में यह मामला उठा तो पीठ की ओर से सरकार को निर्देश दिये गये थे कि जिला विकास प्राधिकरणों की जरूरत पर विचार किया जाए। मंगलवार को सरकार की ओर से इस पर स्थिति स्पष्ट की गई है।

शहरी विकास एवं आवास मंत्री मदन कौशिक का कहना है कि प्रदेश के पर्वतीय जिलों के भ्रमण के दौरान भवनों के नक्शे पास करानेआदि से जुड़ी कईं समस्याएं उनके सामने रखी गई। अधिकारियों को कहा गया है कि लोगों को सही जानकारी उपलब्ध कराई जाये।पर्वतीय क्षेत्रों में 200 वर्ग मीटर तक के स्वयं के आवासीय भवन के लिये नक्शे पास कराने की जरूरत नहीं है और न ही उन्हें इसके लिए कन्वर्जन चार्ज देने की आवश्यकता होगी।
निवेशकों को प्रदान करें सहयोग
शहरी विकास मंत्री ने प्राधिकरणों से निवेशकों को सुविधाएं एवं सहयोग प्रदान करने को कहा। उन्होंने कहा कि हमारा कार्य व्यवहारनिवेशकों के अनुकूल होगा तभी यहाँ पर अधिक से अधिक निवेशक आ पायेंगे। इस सम्बन्ध में प्राधिकरणों के उपाध्यक्षों को स्वयं ध्यान देना होगा। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों में स्ट्रक्चर इंजीनियरिंग की बाध्यता में भी छूट की बात कही।
पर्वतीय क्षेत्रों में खुद का घर बनाने के लिए नक्शा पास कराने की बाध्यता नहीं है। प्राधिकरणों की ओर से और भी कईं सुविधाएं दी जा रही हैं।अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं कि आम आदमी तक जानकारी पहुंचाने के लिए जागरुता अभियान चलाये जायें। समय-समय पर कार्यशाला आयोजित की जाये।












Click it and Unblock the Notifications