Uttarakhand New solar energy policy पर मुहर, उपभोक्ता को ये फायदे, सरकार को 2500 MW बिजली उत्पादन की उम्मीद
उत्तराखंड सरकार ने नई सौर ऊर्जा नीति पर मुहर लगा दी है। दिसंबर 2027 तक प्रदेश में 2500 मेगावाट बिजली का उत्पादन इन प्रोजेक्ट से होने की उम्मीद है। पॉलिसी में स्थानीय युवाओं के रोजगार की गारंटी दी गई है।

उत्तराखंड में धामी सरकार ने नई सौर ऊर्जा नीति पर मुहर लगा दी है। जिससे जनता के साथ ही सरकार को भी सीधा लाभ मिल पाएगा। सरकार को नई सौर ऊर्जा नीति से दिसंबर 2027 तक प्रदेश में 2500 मेगावाट बिजली का उत्पादन इन प्रोजेक्ट से होने की उम्मीद है।
सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से सौर ऊर्जा के प्रोजेक्ट लगेंगे
नई सौर ऊर्जा नीति से सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से सौर ऊर्जा के प्रोजेक्ट लगेंगे। जो भी प्रोजेक्ट लगेगा, यूपीसीएल को अनिवार्य तौर पर उससे बिजली खरीदनी होगी। लैंड यूज परिवर्तन शुल्क, न्यायालय शुल्क, पंजीकरण, भूमि उपयोग अनुमोदन, बाहरी विकास शुल्क, जांच शुल्क और बुनियादी ढांचा विकास शुल्क में छूट मिलेगी। फीड इन टैरिफ के माध्यम से अतिरिक्त बिजली उत्पादन करने वाले उपभोक्ताओं को मुआवजा मिलेगा। अपने उपयोग के लिए और सामूहिक उपयोग के लिए निर्बाध अभिगम और एसजीएसटी व बिजली शुल्क में छूट मिलेगी।
स्थानीय युवाओं के रोजगार की गारंटी
राज्य सरकार ने नई सौर ऊर्जा नीति में नई पॉलिसी में स्थानीय युवाओं के रोजगार की गारंटी दी गई है। नीति में कहा गया है कि जो भी सरकारी भूमि को लीज पर लेकर अपना सोलर प्रोजेक्ट लगाएगा, उसे 70 प्रतिशत स्थानीय युवाओं को रोजगार देना होगा। पॉलिसी के तहत यूपीसीएल सौर ऊर्जा का एक ग्रीन टैरिफ प्रस्ताव तैयार करेगा, जो कि नियामक आयोग को भेजा जाएगा। नियामक आयोग उपभोक्ताओं के लिए ग्रीन टैरिफ चुनने का विकल्प दे सकता है। नई नीति के तहत निजी उपयोग या तीसरे पक्ष की बिक्री के लिए सरकारी या निजी भूमि पर भी सौर ऊर्जा की परियोजनाएं लगाई जा सकेंगी। यूपीसीएल के स्तर से राज्य के बाहर भी सौर ऊर्जा की परियोजनाएं लगाई जा सकेंगी। यह प्रावधान इसलिए किया गया है क्योंकि यूपीसीएल को अपनी खरीदी जाने वाली बिजली का एक निश्चित प्रतिशत सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट से खरीदना अनिवार्य है।












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