Mission Lok Sabha 2024: महिलाओं के बाद अब भाजपा की इस वोट बैंक पर नजर, जानिए क्या है रणनीति
Mission Lok Sabha 2024 मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ राज्यों में विधानसभा चुनाव में मिली जीत के बाद अब भाजपा मिशन लोकसभा 2024 में जुट गई है। भाजपा की तीन राज्यों में मिली शानदार जीत के लिए महिला वोटर को ही काफी हद तक बड़ी वजह मानी जा रही है।

चुनाव से पहले संसद में महिला आरक्षण बिल और एमपी में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का सरकार बनाने में अहम योगदान माना जा रहा है। इससे पूर्व भी चुनावों में भाजपा को महिला वोटर का काफी सहयोग मिलता रहा है। ऐसे में भाजपा को विश्वास है कि लोकसभा चुनाव में महिला वोटर काफी हद तक नैया पार लगाने में अहम भूमिका निभाएगा। अब भाजपा दूसरे वर्ग को साधने के लिए चुनावी रणनीति पर फोकस कर रही है।
तीसरी बार केंद्र में मोदी सरकार को लाने के लिए भाजपा ने पूरा जोर लगा दिया है। इसके लिए हर वर्ग और समीकरणों को साधने की कोशिश की जा रही है। भाजपा पहले महिला वोटरों को साधने के लिए संसद में महिला आरक्षण बिल पास करा चुकी है। जिसके आधार पर राज्यों में भी महिलाओं को भाजपा के पक्ष में करने के लिए महिला मोर्चा पहले ही मोर्चा संभाल चुकी हैं।
उत्तराखंड में भी महिला मोर्चा बूथ स्तर तक इस संदेश को ले जाने में जुटी है। अब जबकि इसका लाभ भाजपा को मिलता हुआ दिख रहा है। ऐसे में भाजपा अब अनुसूचित जाति वर्ग को साधने में जुट गई है। इसके लिए भाजपा ने कुमाऊं में अनुसूचित जाति के जनप्रतिनिधि सम्मेलन भी आयोजित किया है। हल्द्वानी में ही ईजा-बैंणी सम्मेलन के बाद अनुसूचित जाति के जनप्रतिनिधि सम्मेलन को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
भाजपा ने कुमाऊं के सबसे बड़े एमबीपीजी महाविद्यालय में कुमाऊं भर के जनप्रतिनिधियों का बड़ा सम्मेलन आयोजित किया। इसमें राष्ट्रीय महामंत्री व प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार से लेकर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य से लेकर अनुसूचित जाति से जुड़े आयोग भी मौजूद रहे। इसके जरिए पार्टी ने लोगों तक अपनी बात पहुंचाई। राज्य में लगभग 19 प्रतिशत अनुसूचित जाति के लोग हैं, जो ऊधम सिंह नगर से लेकर पहाड़ की कई सीटों पर अपना प्रभाव रखते हैं।












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