रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पीएम सुरक्षा में चूक पर कांग्रेस को लिया आड़े हाथ, उत्तराखंड में गरमाई सियासत
रक्षा मंत्री राजनाथ बोले, जनता कांग्रेस को क्षमा नहीं करेगी
देहरादून, 7 जनवरी। पंजाब में प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक के मामले ने उत्तराखंड की सियासत को गर्मा दिया है। भाजपा जहां इसे पंजाब की सरकार की नाकामी करार देने में जुटी है तो कांग्रेस पूरे प्रकरण में राज्य सरकार का बचाव कर केन्द्रीय गृह मंत्रालय और अन्य ऐंजेसियों पर हमलावर है। ऐसे में यह मामला चुनाव में सियासी दलों के लिए बड़ा मुद्दा बन गया है।

रक्षा मंत्री कांग्रेस पर बरसे
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरूवार को उत्तरकाशी में हुई विजय संकल्प रैली में पंजाब में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सुरक्षा में हुई चूक को लेकर कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश का होता है, किसी पार्टी विशेष का नहीं। सवाल किया कि 'क्या इसकी कल्पना की जा सकती है कि प्रधानमंत्री कहीं जाएं और उनकी सुरक्षा में चूक हो जाए।' पंजाब में ऐसा हुआ है और इसके लिए जनता कांग्रेस को क्षमा नहीं करेगी। राजनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री देश का प्रतिनिधित्व करते हैं और उनका कार्यालय एक ऐसी संस्था होती है जिसका सभी को सम्मान करना चाहिए। इधर भाजपा पंजाब की कांग्रेस सरकार पर जमकर हमला बोल रही है। जबकि कांग्रेस बचाव में आकर केन्द्रीय ऐजेंसियों और गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रही है।
पीएम का काफिला फंसा, सियासी मुद्दा बना
पंजाब की राजनीति का उत्तराखंड की सियासत पर पुराना रिश्ता है। जो कि अब फिर से गर्मा गया है। बीते बुधवार को फिरोजपुर में प्रदर्शनकारियों के सड़क को अवरूद्ध करने के कारण मोदी का काफिला फ्लाईओवर पर फंस गया था, जिसके बाद वह एक रैली सहित किसी भी कार्यक्रम में शामिल हुए बिना पंजाब से लौट आए। इसके बाद से ये मुद्दा सियासत का केन्द्र बन गया है। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस हाईकमान के इशारे पर पंजाब कांग्रेस सरकार ने यह षड़यंत्र रचा। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक का कहना है कि देश के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ होगा, जब प्रधानमंत्री के काफिले को इस तरह और इतनी देर तक रोका गया। कौशिक का आरोप है कि पंजाब की चन्नी सरकार ने मोदी की लोकप्रियता से घबराकर और अपने आलाकमान को ही खुश करने के लिए पीएम की सुरक्षा को ही खतरे में डाला है।
कांग्रेस मांग रही गृह मंत्री का इस्तीफा
इधर इस पूरे प्रकरण पर भाजपा और कांग्रेस आमने सामने है। भाजपा के युवा मोर्चा ने इसके विरोध में कांग्रेस भवन कूच भी किया। जिसके बाद भाजपा, कांग्रेस में जमकर आरोप प्रत्यारोप हो रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पंजाब में होने वाली रैली में भीड़ नहीं जुट पाने का ठीकरा सुरक्षा चूक पर फोड़ा जा रहा है। भाजयुमो के प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन केंद्रीय गृह मंत्री के आवास के बाहर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य सरकार की नहीं, बल्कि एसपीजी की होती है। इस मामले में एसपीजी प्रमुख और गृह मंत्री का इस्तीफा लिया जाना चाहिए। साफ है कि चुनावी साल में पीएम की सुरक्षा के चूक के गंभीर मामले पर भी सियासी दलों में जमकर राजनीति हो रही है। जिसका हर कोई चुनाव में लाभ लेने की कोशिश में जुटे हैं।












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