Lok sabha election 2024: भाजपा, कांग्रेस में कहां कितने दावेदार, यहां लगी कतार और वहां...
लोकसभा चुनाव को लेकर उत्तराखंड में भाजपा और कांग्रेस दोनों सियासी दलों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसके साथ ही अब दावेदारी भी सामने आने लगी हैं। किसी न किसी तरह से दावेदार अपनी दावेदारी सामने रखने लगे हैं। हालांकि जिस तरह की दावेदारी भाजपा में नजर आ रही है, कांग्रेस में अभी तक एक या दो सीटों पर ही खुलकर नाम सामने आ रहे हैं। ऐसे में साफ है कि कांग्रेस के लिए आने वाले समय में मजबूत और बड़े चेहरों को मैदान में उतारना आसान नहीं होगा।

लोकसभा चुनाव में दावेदारी को लेकर सियासी दलों में कसरत तेज हो गई है। सबसे पहले बात भाजपा की। भाजपा में हर सीट पर कम से कम दो से तीन दावेदार नजर आ रहे हैं। टिहरी सीट पर माला राज्य लक्ष्मी शाह सांसद हैं। इस बार कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल और भाजयुमो की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नेहा जोशी का भी दावा है।
गढ़वाल सीट पर वर्तमान में तीरथ सिंह रावत सांसद हैं। जबकि पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी भी दावेदार माने जा रहे हैं। हरिद्वार सीट पर डाॅ रमेश पोखरियाल निशंक सांसद हैं, जबकि विधायक मदन कौशिक, राज्यसभा सांसद नरेश बसंल, पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद समेत कई दावेदार नजर आ रहे हैं। अल्मोड़ा सीट पर वर्तमान सांसद अजय टम्टा के सामने कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य का दावा मजबूत माना जा रहा है।
इसी तरह नैनीताल, यूएसनगर सीट पर केंद्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट सांसद हैं। इसके साथ हीे विधायक अरविंद पांडेय भी दावा कर रहे हैं। इसके साथ ही पांचों लोकसभा सीट पर कई मोर्चों के पदाधिकारी व पूर्व विधायक भी कतार में खड़े हैं।
कांग्रेस की बात करें तो कांग्रेस के लिए हरिद्वार सीट छोड़कर किसी भी सीट पर कोई बड़ा चेहरा दावेदारी करता हुआ नजर नहीं आ रहा है। हरिद्वार से पूर्व सीएम हरीश रावत, उनके बेटे वीरेंद्र रावत, पूर्व मंत्री हरक सिंह दावेदार माने जा रहे हैं। हालांकि हरक सिंह रावत का पौड़ी गढ़वाल सीट से भी दावा माना जा रहा है। इसके साथ ही एक खेमा प्रियंका गांधी को हरिद्वार से चुनाव लड़ाने की मांग कर रहा है।
अल्मोड़ा सीट पर प्रदीप टम्टा व टिहरी सीट पर प्रीतम सिंह का नाम चर्चा में है। साथ ही नैनीताल सीट से प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा का नाम भी लिया जा रहा है। हालांकि इन सीटों पर किसी की खुलकर दावेदारी सामने नहीं आई है। ऐसे में साफ है कि कांग्रेस के लिए आने वाले दिनों में प्रत्याशी की तलाश काफी मुश्किल हो सकती है।












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