उत्तराखंड में कांग्रेस के लिए हरिद्वार बनी हॉट सीट, हरीश रावत और प्रदेश अध्यक्ष के बीच टेंशन, जानिए क्यों
उत्तराखंड में कांग्रेस के लिए हरिद्वार हॉट सीट बनती जा रही है। पहले हरिद्वार सीट पर पूर्व सीएम हरीश रावत और उनके बेटे वीरेंद्र रावत की दावेदारी और फिर पूर्व मंत्री हरक सिंह की सक्रियता के बाद प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा का हरिद्वार से चुनाव लड़ने की इच्छा जताने के बाद से कांग्रेस के अंदर हलचल तेज हो गई है। इसके साथ ही हरिद्वार की वजह से कांग्रेस के अंदर टेंशन भी शुरू हो गई है। जिससे आने वाले समय में कांग्रेस के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।

कांग्रेस में लोकसभा चुनाव को लेकर सभी दिग्गज अपनी अपनी दावेदारी जता रहे हैं। जिसके बाद से कांग्रेस के अंदर हलचल बढ़ी हुई है। पूर्व सीएम हरीश रावत पहले से ही हरिद्वार सीट से दावेदार माने जा रहे हैं। इसके साथ ही हरीश रावत के बेटे वीरेंद्र रावत ने भी खुलकर दावेदारी पेश की है। इस बीच कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने भी हरिद्वार सीट से दावेदारी पेश की तो कांग्रेस के अंदर नई बहस शुरू हो गई है।
इस बीच हरीश रावत से जब मीडिया ने करन माहरा की हरिद्वार से दावेदारी पर पूछा तो हरीश रावत ने करन माहरा के चुनाव लड़ने के दौरान चुनाव प्रबंधन की बात की। उन्होंने चुनाव के दौरान संगठन में चुनाव प्रबंधन संभालने के लिए किसी को जिम्मेदारी देने की बात की।
हरीश रावत के इस बयान के सियासी मायने तलाशे जाने लगा। सियासी गलियारों में ये चर्चा शुरू हो गई कि क्या हरीश रावत संगठन के नए प्रदेश अध्यक्ष की बात कर रहे हैं। हालांकि हरीश रावत अब मीडिया के सामने आकर अपनी बात को स्पष्ट करने और मीडिया पर इसका पूरा दोष मड़ते हुए नजर आ रहे हैं।
उनका कहना है कि वे इस बात पर जोर दे रहे है थे कि अगर करन माहरा चुनाव लड़ते हैं तो किसी को चुनाव प्रबंधन संभालना होगा। इस बीच करन माहरा की मीडिया के माध्यम से नाराजगी सामने आने लगी। करन माहरा का कहना था कि प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए कांग्रेस के अंदर कई नेताओं का चुनाव लड़ा है तो फिर करन माहरा क्यों नहीं लड़ सकते। ऐसे में कांग्रेस के अंदर हरिद्वार सीट को लेकर नई टेंशन खड़ी हो गई है। माना जा रहा है कि इससे पूर्व सीएम हरीश रावत और प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा के बीच दूरियां बढ़ गई हैं।












Click it and Unblock the Notifications