कुंभ फेक टेस्टिंग मामला: SIT ने नई धाराओं में अधिकारियों के खिलाफ दर्ज किया केस
देहरादून, जुलाई 02: देश और उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के प्रकोप के दौरान हरिद्वार में इसी साल आयोजित हुए कुंभ मेले में कोविड टेस्ट के फर्जीवाड़े को लेकर एसआईटी ने जांच शुरू कर दी है। इस दौरान मेले की व्यवस्थाओं से जुड़े अधिकारियों की भूमिका की जांच की जा रही है। इस मामले में दर्ज हुई एफआईआर एक नई धारा और जोड़ी गई है। इस फर्जीवाड़े को लेकर हरिद्वार के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भी जांच के दायरे में हैं।

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1 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच राज्य में कुंभ मेले का आयोजन किया गया था, जिसके दौरान 1 लाख कोविड टेस्ट रिपोर्ट्स् के फर्जी होने के आरोप हैं। जिसे लेकर पुलिस जांच कर रही है। कोरोना टेस्ट फर्जीवाड़े की जांच कर रही एसआईटी ने आरोपी फर्म और लैब के संचालकों के बयान दर्ज करने के बाद अब मुकदमे की विवेचना के अनुसार धाराएं बढ़ाना शुरू कर दिया है।
अभी तक एसआईटी की ओर से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सीएमओ डॉ. शंभू कुमार झा, मेलाधिकारी स्वास्थ्य डॉ. अर्जुन सेंगर और नोडल अधिकारी डॉ. एनके त्यागी के अलावा फर्म मैक्स कॉरपोरेट सर्विस 515, अंसल चैंबर-2 भीकाजी कामा प्लेस, नई दिल्ली और नलवा लैबोरेट्रीज लैब हिसार हरियाणा और डॉ. लाल चंदानी लैब्स के संचालकों से पूछताछ की गई । ये वे लैब्स हैं जिन्हें कुभं में कोरोना टेस्टिंग की ठेका दिया गया था।
इस मामले में दर्ज एफआईआर में आईपीसी सेक्शन 467( मूल्यवान संरक्षण, वसीयत के साथ धोखाधड़ी) के तहत अतिरिक्त मामला भी जोड़ा गया है। इससे पहले महामारी अधिनियम 3, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की 53 धारा, 120 बी, 188, 269, 270, 420, 468 और 471 धाराओं में केस दर्ज हुआ था।












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