जानिए कौन हैं उत्तराखंड से ह्यू-कोलिन गेंजर और राधा बहन, जिन्हें मिलेगा पद्मश्री पुरस्कार, PADMA SHREE AWARD
PADMA SHREE AWARD: उत्तराखंड की दो हस्तियों को भी इस बार पद्मश्री पुरस्कारों के लिए चयनित किया गया है। इसमें ह्यू-कोलिन गेंजर और राधा बहन का नाम शामिल है। दोनों हस्तियों को पद्मश्री पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा।
ह्यू-कोलिन गेंजर को साहित्य के क्षेत्र में योगदान देने और राधा बहन को समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ठ कार्य के लिए सम्मानित किया जाएगा। उत्तराखंड के यात्रा लेखक ह्यू-कोलिन गेंजर का नाम पद्मश्री सम्मान के लिए चयनित किया गया है। मसूरी निवासी ह्यू-कोलिन गेंजर अंग्रेजी के यात्रा लेखक के रूप में जाने जाते हैं।

ह्यू भारतीय नौसेना के रिटायर अधिकारी हैं, जिन्होंने अपनी पत्नी कोलिन गेंजर के साथ कई यात्राएं की। जिनके यात्रा वृतांत लिखे। ह्यू 94 साल के हैं, जबकि कोलिन गेंजर का साल 2024 के नवंबर महीने में 90 साल की आयु में निधन हुआ। इन दंपति को कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया जा चुका है, जिसमें पेसिफिक एशिया ट्रैवल एसोसिएशन से दो स्वर्ण पुरस्कार और छह राष्ट्रीय पुरस्कारों के अलावा राष्ट्रीय पर्यटन लाइव टाइम अचीवमेंट पुरस्कार मिला है।
उत्तराखंड से पद्मश्री के लिए एक और नाम भी चयनित हुआ है, जिन्हें राधा बहन के नाम से जाना जाता है। राधा बहन अल्मोड़ा की रहने वाली है, उन्होंने उत्तराखंड के पहाड़ से जुड़े तमाम मुद्दों को लेकर कई आंदोलन किए हैं। साल 1957 में भूदान आंदोलन के साथ उन्होंने अपनी पदयात्रा की शुरुआत की थी।
महिलाओं के सशक्तिकरण से लेकर शराब विरोधी आंदोलन में भी उनकी बेहद अहम भूमिका रही है। राधा भट्ट 18 साल की उम्र में ही घर छोड़कर कौसानी चली गई थी, जहां उन्होंने गरीब बालिकाओं को पढ़ना शुरू किया और इसके बाद वह सबके लिए राधा बहन बन गई। महात्मा गांधी की शिष्या सरला बहन के सामाजिक कार्यों से प्रभावित होकर वह उनके अनुयाई बन गई और राधा बहन ने ग्राम स्वराज, बंजर गांव, युवा महिला सशक्तिकरण और वन संरक्षण जैसे कामों में बढ़-चढ़कर भाग लिया।












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