जानिए कैसे होती है राष्ट्रपति की सुरक्षा, राज्यों के दौरे में भी फॉलो करना होता है ये प्रोटोकॉल
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज से तीन दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर हैं। राष्ट्रपति देश की प्रथम नागरिक हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा और प्रोटोकॉल दोनों का विशेष ध्यान रखना होता है। राष्ट्रपति जब भी दूसरे राज्यों का दौरा करती हैं तो उनका हर यात्रा के दौरान प्रोटोकॉल फॉलो करना होता है।

राष्ट्रपति यात्रा के दौरान एक खास गाड़ी से ही कहीं आती जाती हैं। राष्ट्रपति जिस कार से चलते हैं वह बहुत खास होती है। मर्सिडीज एस क्लास (एस-600) पुलमैन गार्ड कार होती है। इस कार की कीमत करीब 10 से 12 करोड़ रूपये होती है। कार पर नंबर प्लेट भी नहीं होता है। जो कि बुलेट प्रूफ होती है और इसमें बैलिस्टिक प्रोटेक्शन फीचर होता है।
राष्ट्रपति की यात्राएं दो प्रकार की होती हैं। सार्वजनिक यात्रा और आधिकारिक यात्रा। राष्ट्रपति का हर कार्यक्रम आधिकारिक होता है। जो कि पहले से तय होता है। इसमें किसी तरह का फेरबदल नहीं किया जा सकता है। इसके अलावा उनसे मिलने वालों की संख्या भी तय होती है। यह पहले से निर्धारित होता है कि कौन लोग राष्ट्रपति के किसी भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह लिस्ट राष्ट्रपति भवन से स्वीकृति के बाद ही बनाई और फाइनल होती है।
राष्ट्रपति के किसी भी कार्यक्रम में सिर्फ विशिष्ट व्यक्ति और अधिकारी ही शामिल हो सकते हैं। इसमें राज्यपाल प्रदेश के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और महानिरीक्षक, सरकार के सचिव (राजनीतिक), पुलिस आयुक्त, जिलाधिकारी, रक्षा सेवाओं के वरिष्ठ अधिकारी ही राष्ट्रपति के कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। साथ ही एयरपोर्ट पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री ही स्वागत करते हैं।
भारत के राष्ट्रपति की सुरक्षा की जिम्मेदारी 'प्रेसीडेंट्स बॉडी गार्ड्स' पीजीबी को सौंपी गई है। 1773 में पहली बॉडी गार्ड यूनिट गठित हुई थी। इस यूनिट में आने वाले अधिकारियों या जवानों की लंबाई छह फीट होना, एक अनिवार्य शर्त होती है। इस दस्ते में मौजूद कई अधिकारी और जवान, भारतीय सेना की पैराशूट रेजीमेंट की स्पेशल फोर्स यूनिट से आते हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की सुरक्षा, भारतीय सेना की सबसे पुरानी रेजीमेंट को सौंपी गई है। राष्ट्रपति की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मी, जिन्हें प्रेसीडेंट्स बॉडी गार्ड्स कहा जाता है, यह दल भारतीय सेना की घुड़सवार रेजीमेंट का हिस्सा होता है। राष्ट्रपति भवन और उसके बाहर, प्रेजीडेंट की सुरक्षा की जिम्मेदारी इसी दल को प्रदान की गई है।
राष्ट्रपति के सुरक्षा दस्ते में केवल तीन ही जातियों या समुदाय से जुड़े जवानों को प्रमुखता दी जाती है। मौजूदा सुरक्षा दस्ते में जितने भी जवान शामिल हैं, वे जाट, सिख और राजपूत समुदाय से आते हैं। लगभग 170 जवान और डेढ़ दर्जन अधिकारी, राष्ट्रपति की सुरक्षा करते हैं। दस्ते में शामिल चार अधिकारियों को एडमिनिस्ट्रेटिव सपोर्ट हासिल होता है। इसके अलावा 11 जूनियर कमीशंड ऑफिसर्स (जेसीओ) भी रहते हैं।
एयर इंडिया वन भारत के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के लिए भारतीय वायु सेना द्वारा संचालित विशेष स्पेशल एक्स्ट्रा सेक्शन फ्लाइट (एसईएसएफ) है। यह बोइंग कंपनी का 777-300ER विमान है। एडवांस्ड नेविगेशन सिस्टम वीवीआईपी की सुरक्षित उड़ान सुनिश्चित करने के लिए एयर इंडिया वन आधुनिक नेविगेशन सिस्टम से लैस है। विमान में मौजूद इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम (आईएनएस) बिलकुल सटीक नेविगेशन जानकारी प्रदान करता है।
यह जीपीएस और डीएमई (डिस्टेंस मेजरिंग इक्विपमेंट) जैसे एडवांस्ड नेविगेशन डिवाइस से भी लैस है। एटीसी और पायलट उड़ान के दौरान एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) और विमान चालक दल के बीच होने वाली सभी बातों को सुरक्षित रखने के लिए एयर इंडिया वन एन्क्रिप्टेड सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम का उपयोग करता है। यह सिस्टम सुनिश्चित करता है कि इन बातों को कोई तीसरा व्यक्ति न सुने या अवरोध पैदा न कर सके।
किसी तीसरे व्यक्ति की कम्युनिकेशन सिस्टम तक पहुंच रोकने के लिए विमान में नेटवर्क जैमर लगे है। एडवांस्ड वॉरफेयर जैमर भी मौजूद एयर इंडिया वन विमान एडवांस वॉरफेयर जैमर से लैस है। यह दुश्मन देशों के जीपीएस सिग्नल और ड्रोन सिग्नल को बहुत ही आसानी से ब्लॉक कर सकता है। मिसाइल से बचाने में सक्षम एयर इंडिया वन में सफर के दौरान अगर कोई देश विमान पर मिसाइल का रडार लॉक कर देता है तो मिसाइल चेतावनी सिस्टम कॉकपिट में अलार्म बजा देगा।
विमान किसी भी जमीनी मिसाइल या हवाई खतरे से सुरक्षा प्रदान करने के लिए मिसाइल डिफ्लेक्टिंग शील्ड से भी लैस है। आपातकाल स्थिति के लिए ऑपरेशन थियेटर एयर इंडिया वन में उड़ान के दौरान यदि किसी भी वीवीआईपी की तबियत बिगड़ती है तो विमान में समस्या से निपटने के लिए अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं वाला एक ऑपरेशन थिएटर मौजूद है।
जिसमें डिफाइब्रिलेटर, वेंटिलेटर और जीवनरक्षक उपकरण शामिल हैं। विमान बोर्ड पर मेडिकल स्टाफ में डॉक्टर और नर्स भी शामिल होते है। अन्य सुविधाएं और तकनीकें विमान में मुख्य रूप से तीन वीवीआईपी सूइट हैं, जिसमें पहला राष्ट्रपति, दूसरा उपराष्ट्रपति और तीसरा प्रधानमंत्री के लिए है। विमान में कॉन्फ्रेंस रूम और विशेष लाउंज भी हैं। आपको बता दें कि विमान अत्याधुनिक कम्युनिकेशन सिस्टम से लैस है। यह बीच हवा में वीवीआईपी को ऑडियो और वीडियो से जुड़ने की सुविधा प्रदान करता है।












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