Kedarnath upchunav:'हरियाणा में भी हिंदू समाज को बांटा...' पूर्व सीएम हरीश रावत ने भाजपा पर लगाए ये गंभीर आरोप
केदारनाथ उपचुनाव की तारीख का ऐलान होते ही भाजपा, कांग्रेस में जमकर सियासी वॉर शुरू हो गई है। पूर्व सीएम हरीश रावत ने भाजपा पर समाज को बांटने का आरोप लगाया है, साथ ही आरोप लगाया है किे भाजपा का एजेंडा हमेशा बांटो, छलो ओर राज पाओ रहा है।
इसीलिए उन्होंने हरियाणा में हिंदू समाज को दो भागों में बांट दिया। यहां तक कि यह दलित भाइयों को भी दो भागों में बांट रहे हैं। इन्हे मालूम है समाज को बिना बांटे ये सत्ता नहीं पा सकते हैं।

हरीश रावत ने हाल ही में केदारनाथ के चुनाव में भाजपा की हार से घबराने और आरोप लगाया कि भाजपा फिर से कुछ न कुछ ऐसा करना चाहती है जिससे हिन्दू-मुसलमान पर वोट हो। जिसके बाद से सियासी घमासान मचा हुआ है। हरीश रावत के बयान पर भाजपा ने पलटवार किया और कहा कि केदारनाथ चुनाव को हिंदू मुस्लिम से जोड़ने वाले हरदा के बयान को उनकी निश्चित दिखने वाली हार की हताशा बताया है।
प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने पलटवार कर कहा कि उनका यह डर लाजिमी है, क्योंकि विकास के पक्ष में जनादेश देते समय, केदारघाटी की देवतुल्य जनता, सनातन विरोधियों के पापों को नहीं भूलने वाली है। जनता की यादाश्त मजबूत है। इस बीच हरीश रावत ने एक बार फिर भाजपा को मारीच और कालनेवी पंथी बताया है। हरीश रावत ने तंज कसा कि छल भाजपा की शक्ति है, शकुनि और अब लगता है कि दुशासन के भी मानस पुत्र हैं। अंकिता से लेकर, शांतरशाह की निर्भया तक के शीलहरण में भाजपाइयों के नाम आए हैं।
हरीश रावत ने कहा कि उन्होंने हमेशा भगवान केदारनाथ के सम्मान को ठेस पहुंचाने का प्रयास किया है, चाहे केदारनाथ के भक्त पुजारी, हक हुकूक धारियों के परंपरागत अधिकारों के हरण का प्रश्न हो, चाहे दिल्ली में केदार की शिला देकर दूसरा केदारनाथ धाम स्थापित करने का कुप्रयास हो। ये ऐसे लोग हैं जिन्होंने केदार धाम को चढ़ाए गए सोने को भी खा लिया। यह वो लोग हैं जिन्होंने निरंतर ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्यों की अवमानना और अपमान का दुस्साहस किया है। हरीश रावत ने कहा कि हमारा लक्ष्य और एजेंडा, हमेशा विकास और जनकल्याण का रहा है और












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