केदारनाथ त्रासदी को 11 साल पूरे, जानिए कितनी बदली केदारपुरी, पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में हुए ये काम
केदारनाथ धाम में 16 और 17 जून 2013 को आई भीषण आपदा को आज 11 साल पूरे हो गए हैं। जलप्रलय से केदारपुरी की तस्वीर बदल गई थी।
जिसे पीएम मोदी ने सुधारने के लिए इसे अपना ड्रीम प्रोजेक्ट मानकर पुर्ननिर्माण का कार्य तेजी से करवाया। जब आपदा के बाद केदारपुरी के पुर्ननिर्माण की बात आई तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे अपना ड्रीम प्रोजेक्ट बताया।

ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत केदारनाथ पुनर्निर्माण तीन चरणों में शुरू किया गया। सरकार ने इन कार्यों को 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य रखते हुए कार्य किया। केदारनाथ धाम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत केदारनाथ परिसर क्षेत्र के विकास के लिए मास्टर प्लान के तहत समस्त क्षेत्र को कुल 6 जोनों में विकसित किया गया है। इतना ही नहीं मोदी सरकार ने केदारनाथ में रोपवे पर भी काम शुरू कर दिया है।
आपदा में केदारनाथ पैदल मार्ग ध्वस्त हो गया। केदारनाथ यात्रा के पहले पड़ाव गौरीकुंड से लेकर धाम तक की पैदल दूरी अब 19 किलोमीटर हो गई है, लेकिन यह मार्ग तीन से चार मीटर चौड़ा किया गया है। वर्ष 2022 के बाद से केदारनाथ धाम में तीर्थ यात्रियों का सैलाब उमड़ रहा है। हर साल श्रद्धालुओं का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। हजारों यात्री एक दिन में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
पहले चरण में कार्य
मंदिर परिसर का विस्तार, संगम के समीप गोल प्लाजा और मंदिर परिसर तक जाने वाले रास्ते पर कटवा पत्थर बिछाया,मंदाकिनी नदी के तट पर सुरक्षा कार्य, सेंट्रल स्ट्रीट, आदि गुरु शंकराचार्य की समाधि, सरस्वती आस्था पथ व घाट, मंदिर परिसर के दोनों तरफ भवनों की सुरक्षा के लिए दीवार का निर्माण, ध्यान गुफा का निर्माण।
दूसरे चरण में पुनर्निर्माण कार्य
मंदाकिनी नदी की तरफ वाटर एटीएम, गौरीकुंड में सुरक्षा गेट का निर्माण, सरस्वती नदी की तरफ वाटर एटीएम का निर्माण, सोनप्रयाग में रेन सेल्टर काम, सरस्वती व मंदाकिनी नदी के संगम पर घाट का पुनर्निर्माण, 50 बेड का अस्पताल, पर्यटन सुविधा केंद्र, मंदाकिनी नदी के तट पर मध्य क्षेत्र में समावेशी अवस्थापना कार्य ,आस्था पथ पर पंक्ति प्रबंधन, रेन सेल्टर, सीढ़ी, संग्रहालय, प्रशासनिक भवन, मंदाकिनी नदी पर बने आस्था पथ पर रेन सेल्टर का निर्माण, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, 54 मीटर स्पान पुल का निर्माण, तीर्थयात्रियों को आवासीय सुविधा, तीर्थ पुरोहित और हक-हकूकधारियों के आवास, बेस कैंप स्थित हेलीपोर्ट का निर्माण।
केदारनाथ के लिए सबसे बड़े रोपवे प्रोजेक्ट
अब सबकी निगाहें केदारनाथ के लिए होने वाले सबसे बड़े रोपवे प्रोजेक्ट पर है। पीएम मोदी ने 21 अक्तूबर 2022 को सोनप्रयाग से केदारनाथ रोपवे का शिलान्यास किया। दो चरणों में रोपवे का काम होगा। पहले चरण में गौरीकुंड से केदारनाथ तक 9.7 किमी लंबे रोपवे का निर्माण होगा, जबकि दूसरे चरण में सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक 3.4 किमी रोपवे बनेगा। इस रोपवे में पांच स्टेशन होंगे। रोपवे के बनने के बाद इससे एक घंटे में 3600 श्रद्धालु केदारनाथ पहुंच जाएंगे।
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