केदारनाथ हेलीकॉप्टर हादसे के बाद क्या मिला सबक, धामी सरकार ने उठाए ये सख्त कदम, 10 बिंदुओं में समझिए
Kedarnath helicopter crash update: केदारनाथ में हुए हेलीकॉप्टर हादसे के बाद धामी सरकार अब हेली सेवा को लेकर सख्त हो गई है। राज्य सरकार ने आर्यन कंपनी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। साथ ही सोमवार आज तक चार धाम के लिए हेली सेवा पूर्ण रूप से बंद रखी है।
इसके अलावा हेली उड़ानों के बेहतर समन्वय और सुरक्षित संचालन के लिए देहरादून में एक कॉमन कमांड एवं कोऑर्डिनेशन सेंटर की स्थापना करने का निर्णय लिया है। उत्तराखंड में 30 अप्रैल से शुरू हुई चार धाम यात्रा के दौरान अब तक 45 दिनों में 6 हेलीकॉप्टर हादसे हो चुके हैं। इनमें 13 लोगों की जान चली गई।

एविएशन कंपनियों की मनमानी और अन्य शिकायतों को लेकर राज्य सरकार ने कुछ ठोस निर्णय लिए-
Kedarnath helicopter crash update
- राज्य सरकार ने आर्यन कंपनी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
- सोमवार (आज) तक चार धाम के लिए हेली सेवा पूर्ण रूप से बंद रखी है।
- राज्य सरकार ने चार धाम में लगे सभी हेली ऑपरेटरों एवं पायलटों के उच्च हिमालय क्षेत्रों में उड़ान अनुभवों की जांच होगी एवं सभी हेली ऑपरेटरों के साथ बैठक के बाद ही पुनः हेली सेवा को सुचारु किया जाएगा।
- राज्य में अब हेली उड़ानों के बेहतर समन्वय और सुरक्षित संचालन के लिए देहरादून में एक कॉमन "कमांड एवं कोऑर्डिनेशन सेंटर" की स्थापना की जाएगी, जिसमें डीजीसीए, आपदा विभाग, सिविल एविएशन, यूकाडा, हेली आपरेटर कम्पनी के अधिकारियों की तैनाती होगी।
- मुख्यमंत्री ने सचिव गृह उत्तराखंड की अध्यक्षता में एक समिति गठित किए जाने के निर्देश दिए। जिसमें डीजीसीए, यूकाडा, नागरिक उड्डयन विभाग भारत सरकार, ATC के प्रतिनिधि सदस्य के रूप में रहेंगे। यह समिति जन सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मानक प्रचालन नियमावली का प्रारूप बनाएगी।
- समिति अपनी रिपोर्ट सितंबर माह से पूर्व प्रस्तुत करेगी।
- मुख्यमंत्री ने आगामी समय के लिए प्रदेश में हेली सेवाओं के संचालन के लिए सख्त एडमिनिस्ट्रेटिव एंड टेक्निकल एसओपी (administrative and technical Standard Operating Procedure) तैयार किए जाने के निर्देश भी दिए हैं।
- मुख्यमंत्री ने रुद्रप्रयाग में दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर के संबंध में उच्च स्तरीय जांच के भी आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा जिस भी स्तर पर लापरवाही बरती गई है, उन्हें चिन्हित कर उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा आम जन के जीवन की रक्षा करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
- उन्हीं पायलटों को अनुमति दी जाएगी जिनका उच्च हिमालय क्षेत्रों में हेली उड़ाने का दीर्घकालीन अनुभव होगा। डीजीसीए द्वारा निर्धारित गाइडलाइन को और सख्त बनाया जाए, जिसका अनुपालन शत प्रतिशत किया जाए।
- मुख्यमंत्री ने हिमालय क्षेत्रों में अधिक संख्या में मौसम पूर्वानुमान के अत्याधुनिक उपकरण लगाने के भी निर्देश दिए, जिससे मौसम की और सटीक जानकारी प्राप्त की जा सके।












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