Kedarnath dham: कपाट खुलने के मौके पर जयंती पर ही आदिगुरु शंकराचार्य के समाधि स्थल पर उपेक्षा, ​छिड़ा विवाद

शंकराचार्य समाधि स्थल पर एक फूल भी नहीं चढ़ाया गया। मंगलवार को आदि गुरु शंकराचार्य की जयंती थी। इससे नाराज होकर ज्योतिषपीठ शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज धरने पर बैठ गए।

Kedarnath dham Neglect tomb Adiguru Shankaracharya occasion opening doors, controversy erupted

मंगलवार को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के मौके पर आदिगुरु शंकराचार्य के समाधि स्थल को लेकर एक विवाद छिड़ गया है। एक तरह जहां केदारनाथ मंदिर को 35 क्विंटल फूलों से सजाया गया था तो दूसरी ओर शंकराचार्य समाधि स्थल पर एक फूल भी नहीं चढ़ाया गया।

अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज धरने पर बैठ गए

जबकि मंगलवार को आदि गुरु शंकराचार्य की जयंती थी। इससे नाराज होकर ज्योतिषपीठ शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज धरने पर बैठ गए। बाद में बीकेटीसी और प्रशासन के अधिकारियों के समझाने पर मामला किसी तरह से शांत हुआ।

16 करोड़ की लागत से बने समाधि स्थल को भुला दिया गया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत वर्ष 2018 में मंदिर के पीछे आदिगुरु शंकराचार्य की समाधि स्थल का पुनर्निर्माण भी शुरू किया गया था। आदिगुरु शंकराचार्य की मूर्ति का अनावरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों से कराया। ​जहां पर पीएम मोदी ने ध्यान लगाकर काफी समय बिताया था। अब 16 करोड़ की लागत से बने समाधि स्थल को भुला दिया गया है। उपेक्षा से नाराज ज्योतिषपीठाधीश्वर अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज समाधि के समीप धरने पर बैठे रहे। जिसको लेकर विवाद छिड़ा हुआ है।

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