केदारघाटी में हेलीकॉप्टर के जरिए एयर लिफ्ट और मैनुअली रेस्क्यू में जुटी एजेंसियां,दो दिन बाद कैसे हैं हालात
kedarnath cloud brust rescue news केदारघाटी में आई आपदा के बाद रेस्क्यू जारी है। शुक्रवार को दोपहर तक 582 लोगों को हेलीकॉप्टर के जरिए एयर लिफ्ट किया गया है।
वहीं, सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच 1500 से अधिक लोगों को मैनुअली रेस्क्यू किया जा चुका है। इस बीच एसडीआरएफ, सेना के हेलीकॉप्टर और अन्य एजेंसियों ने मोर्चा संभाला हुआ है।

भारी बारिश के कारण केदार घाटी में कई जगह रास्ते क्षतिग्रस्त हुए हैं। विभिन्न पड़ावों पर फंसे तीर्थयात्रियों एवं स्थानीय लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू करने के लिए जिला प्रशासन व पुलिस सहित अन्य सुरक्षा बल लगातार कार्य कर रहे हैं।
हर स्तर पर सभी लोगों के सुरक्षित रेस्क्यू करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। केदार घाटी में विभिन्न पड़ावों में फंसे तीर्थयात्रियों को सुरक्षित रेस्क्यू करने एवं भोजन उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर संबंधित विभाग लगातार कार्य कर रहे हैं।
खाने की कराई गई व्यवस्था
जिला पूर्ति अधिकारी केएस कोहली ने बताया कि गुरुवार सुबह से ही मुख्य यात्रा पड़ावों में फंसे तीर्थयात्रियों को फूड पैकेट, पेयजल एवं भोजन की व्यवस्था करवाई जा रही है। केदारनाथ, लिनचोली, भीमबली, सोनप्रयाग, शेरसी, गुप्तकाशी एवं चैमासी सहित अन्य स्थानों पर शुक्रवार दोपहर तक लगभग 18 हजार फूड पैकेट और करीब 35 हजार पानी की बोतलें उपलब्ध करवाई जा चुकी हैं।
286 लोगों को चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराई गई
इसके अलावा जीएमवीएन एवं स्थानीय व्यापारियों के सहयोग से विभिन्न स्थानों पर भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसमें बीकेटीसी, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों का भी पूर्ण सहयोग मिल रहा है। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विमल गुसाईं ने बताया कि अब तक सोनप्रयाग, गौरीकुड व शेरसी में 286 लोगों को चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
लिनचोली थारू कैंप के पास सर्च जारी
एसडीआरएफ की ओर से जारी जानकारी के अनुसार रेस्क्यू ऑपरेशन के जरिए 3500 यात्रियों को रेस्क्यू किया गया है। पहाड़ी मार्ग क्षतिग्रस्त होने के बाद नदी किनारे से रोप रेस्क्यू किया जा रहा है। इसके साथ ही ड्रोन के माध्यम से भी यात्रा मार्ग पर मॉनिटरिंग की जा रही है। लिनचोली थारू कैंप के पास लगातार सर्च अभियान चल रहा है।
आज लगभग 1800 को कराया पार
कल पहाड़ी पर बनाया गया वैकल्पिक रास्ता रात्रि में पुनः भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त होने पर SDRF टीमों द्वारा नदी के किनारे-किनारे वैकल्पिक मार्गों से होते हुए यात्रियों को पूर्ण सुरक्षित तरीके से सोनप्रयाग लाया जा रहा है। वही दूसरी ओर लिंचोली में रुके यात्रियों को भी हेलीपेड पहुँचाया जा रहा है, जहाँ हेली के माध्यम से उन्हें वहां से निकाला जा रहा है। आज लगभग 1800 यात्रियों को बाधित मार्ग से पार कराया जा चुका हैं।
3,500 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित निकाला
वर्तमान समय तक SDRF टीमों द्वारा पैदल यात्रा मार्ग पर 3,500 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, इसके अतिरिक्त श्री केदारनाथ व लिंचोली से हैली के माध्यम से 780 यात्रियों को रेस्क्यू किया गया है।दो दिनों से लगातार सर्चिंग अभियान में लगी भी एसडीआरएफ टीम को लिंचोली के पास थारू कैम्प में सर्चिंग के दौरान एक शव मिला है, जिसकी पहचान नही हो पाई है। शव सिविल पुलिस को सौंप दिया गया है।
पेश की ईमानदारी की मिसाल
यात्रियों को सकुशल रेस्क्यू करने के साथ ही एसडीआरएफ की टीम ने ईमानदारी की मिसाल भी कायम की है। थारू कैंप, लिनचोली के पास किसी महिला का पर्स प्राप्त हुआ जिसमें 70 से 80 हजार रूपए, मोबाइल फोन व अन्य सामग्री थी। पर्स की जांच करने पर पता चला कि पर्स पूजा कश्यप निवासी दिल्ली का है। उक्त सम्बन्ध SDRF के SI प्रेम प्रकाश द्वारा गहन खोजबीन करते हुए महिला के परिजनों से संपर्क कर पर्स वापस किया गया। खोजबीन के दौरान एसडीआरएफ टीम को प्राप्त अन्य दो पर्स भी जिला पुलिस को सौंपे गए।












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