New Year Celebration 2024: केदारकांठा या क्वारीपास ट्रैकिंग,जानिए न्यू ईयर पर रोमांच के शौकीनों की पसंदीदा जगह
New Year Celebration 2024: Kedarkantha and Kwaripass न्यू ईयर पर कुछ नया और रोमांचक करने की सोच रहे हैं तो उत्तराखंड के खूबसूरत ट्रेक जश्न को खास बना सकते हैं। इसके लिए उत्तराखंड के ट्रेकिंग डेस्टिनेशन की प्लानिंग कर सकते हैं। जिसके लिए केदारकांठा और क्वारीपास ट्रेक इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा में है। यहां खूबसूरत वादियां, बर्फ और रोमांचक यात्रा करने का मौका मिल जाएगा। तो बैग पैक करिए और निकल जाइए उत्तराखंड की ओर।

उत्तराखंड के पहाड़ों में इन दिनों बर्फबारी से स्वर्ग जैसा नजारा दिख रहा है। जिससे ये वादियां पर्यटकों से भी गुलजार हो रही हैं। इन्हीं में से उत्तरकाशी के केदारकांठा में पर्यटकों की आवक बढ़ गई है। 12500 फीट की ऊंचाई पर स्थित केदारकांठा उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से 220 किलोमीटर दूर है। जो कि टूरिस्ट की पहली पसंद बनता जा रहा है।
उत्तरकाशी में कई ऐसे डेस्टिनेशन है जहां पर्यटक ट्रेकिंग के लिए पहुंचते हैं। पर्यटकों को आकर्षित करने में केदारकांठा, नचिकेता ताल, हरूंता बुग्याल, दयारा और डोडीताल सबसे आगे हैं। यहां कैंपिंग और स्कीइंग का आनंद ले सकते हैं। इन पर्यटक स्थलों पर पर्यटकों की चहलकदमी बढ़ी है।
पर्यटकों को केदारकांठा, दयारा, डोडीताल की ट्रैकिंग पसंद है। यहां प्रकृति सुदंरता के साथ ही हिमालयी जीव-जंतुओं का भी दीदार होता है। साथ ही पर्यटक बर्फ के बीच कैंपिंग और स्कीइंग का आनंद भी ले सकते हैं।
केदारकांठा के लिए पहले उत्तरकाशी जिला मुख्यालय तक पहुंचना होगा। उत्तरकाशी से पहले सांकरी और फिर 11 किलोमीटर की दूरी पर केदारकांठा है। सांकरी से चार किलोमीटर की दूरी पर जूड़ाताल है। जूड़ाताल से तीन किलोमीटर दूर तालखेत्रा और तालखेत्रा से चार किलोमीटर की दूरी पर केदारकांठा टॉप है।
उत्तरकाशी के अलावा चमोली में भी कई ट्रैकिंग डेस्टिनेशन है। जिसमें क्वारीपास ट्रेक भी पर्यटकों से गुलजार है। क्वारीपास में अभी एक फीट से अधिक बर्फ है और यहां हर दिन करीब 50 पर्यटक पहुंच रहे हैं। क्रिसमस और नए साल का जश्न मनाने के लिए सलार्ड कर्जन-क्वारीपास ट्रेक पर भी बड़ी तादाद में पर्यटक पहुंच रहे हैं।
यहां रात्रि विश्राम के लिए कई टेंट लगे हैं। क्वारीपास ट्रेक लंबा होने के कारण यहां रात्रि विश्राम जरूरी है। क्वारीपास जाने के लिए इस समय जोशीमठ से ढाक गांव होते हुए तुगासी गांव तक वाहन से पहुंचा जा सकता है। उसके बाद करीब छह किमी का लंबा पैदल ट्रेक पार करने के बाद यहां पहुंच जाएंगे।












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