मोबाइल रील और वीडियो पर बैन, कैंची धाम मेले के लिए आ रहे हैं तो ये सब जानना जरूरी, नहीं होगी परेशानी
Kainchi dham mela: कैंची धाम में 15 जून को स्थापना दिवस मनाया जा रहा है। जिसको लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से खास तैयारियां और इंतजाम किए जा रहे हैं। हजारों की संख्या में श्रद्धालु कैंची धाम पहुंच रहे हैं। स्थापना दिवस पर भी लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।
ऐसे में मंदिर प्रशासन की ओर से कुछ गाइडलाइन तैयार की गई है। जिसके तहत फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी व रील्स को प्रतिबंधित किया गया है। इसके साथ ही टैक्सी या निजी वाहन भवाली तक ही जाएंगे जबकि हल्द्वानी-अल्मोड़ा राष्ट्रीय मार्ग पर 14 और 15 जून को जीरो जोन भी प्रभावी रहेगा।

नैनीताल जिले का बाबा नीब करौरी का कैंची धाम देश ही नहीं विदेश में भी चमत्कारिक और रहस्यों से भरा मंदिर है। कैंची धाम में बाबा नीब करौरी महाराज भगवान हनुमान के अवतार माने जाते हैं। मान्यता है कि यहां भक्तों की मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली से लेकर विदेश हस्तियां भी बाबा की भक्त हैं।
नीब करौरी या नीम करोली बाबा का जन्म साल 1900 के आसपास बताया जाता है।
उनका जन्म अकबरपुर (उत्तर प्रदेश) में हुआ था। नीब करौरी बाबा का असली नाम लक्ष्मी नारायण शर्मा बताया जाता है। कहा जाता है कि महज 17 साल की आयु में ही उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हो गई थी। नीब करौरी बाबा खुद हनुमान जी के भक्त थे। जो कि भगवान हनुमान का अवतार भी माना जाता है। कैंची धाम को बाबा नीब करौरी की तपोस्थली माना जाता है। कहा जाता है कि 1960 के दशक में नीब करौरी बाबा ने कैंची धाम की स्थापना की थी।
जिला प्रशासन ने भी इसको लेकर खास तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिलाधिकारी नैनीताल वंदना सिंह ने अधिकारियों के साथ बैठक की और अधिकारियों को निर्देशित किया।
- नैनीताल-भीमताल-भवाली और कैंची धाम तक सड़क मार्ग में किसी भी प्रकार के भंडारे, फूड वैन और ठेले वाले पूरी तरह से बंद रहने के निर्देश दिए हैं।
- हल्द्वानी, भीमताल, नैनीबैंड, भवाली, नैनीताल और गरमपानी से शटल सेवा चलेगी और दो पहिया वाहन शटल सेवा के माध्यम से ही जाएंगे।
- बुजुर्ग, बीमार एवं दिव्यांग के लिए दो अतिरिक्त शटल सेवा लगाई जाएंगी।
- श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए विभिन्न स्थानों में बनाए गए पार्किंग स्थलों में पेयजल, बिजली आपूर्ति, शौचालय, सफाई व्यवस्था आदि व्यवस्थाओं को लेकर जानकारी ली और अधिकारियों को 12 जून तक सभी व्यवस्था पूरे करने के निर्देश दिए।
- हल्द्वानी से भीमताल शटल सेवा में करीब 100 छोटे-बड़े वाहन, भीमताल से कैंची धाम से पुरानी वन विभाग की चौकी 40, नैनीताल से सेनिटोरियम तक 50 छोटे बड़े वाहन शटल सेवा में चलेंगे।
- जिलाधिकारी ने सभी मार्गों से आ रहे वाहनों पर कोडिंग कलर स्टीकर व निर्धारित किराया सम्बंधित स्टीकर लगाने के निर्देश दिए, जिससे सभी वाहन अपने मार्ग में सुचारू रूप से चल सके और श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना ना करना पड़े।
- कैंची धाम के समीप शार्ट कट मार्ग (छोटा रास्ता) से आवाजाही पूर्ण रूप से बंद रहेगी।
- टैक्सी या निजी वाहन भवाली तक ही आएंगे, साथ ही दो पहिया वाहनों के लिए पार्किंग व्यवस्था नगर पालिका मैदान भवाली में की जाएगी।
- यहां से श्रद्धालुओं को शटल सेवा से कैंची धाम भेजा जाएगा।












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