गंगोत्री, यमुनोत्री की यात्राएं शुरू, अब केदार और बद्रीविशाल के कपाट खुलने का इंतजार
गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए
देहरादून, 3 मई। मंगलवार को अक्षय तृतीया पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। अब 6 मई को केदारनाथ और 8 मई को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने जा रहे हैं। जिसके बाद चारधाम यात्रा सुचारू रुप से शुरू हो जाएगी।

गंगोत्री में कपाट खोलने के बाद पहुंचे सीएम
सोमवार को मां गंगा की डोली मुखबा रवाना होकर रात्रि विश्राम के लिए भैंरोघाटी पहुंची। इसके बाद अक्षय तृतीय के दिन 3 मई को डोली गंगोत्री धाम पहुंची। अक्षय तृतीया पर पूर्वाह्न 11.15 बजे धाम के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिए गए। गंगोत्री में कपाट खुलने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी सपरिवार दर्शन किए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस बार चारधाम यात्रा ऐतिहासिक होने जा रही है। सभी देवी-देवताओं के आशीर्वाद से यात्रा अच्छी होगी। कई सामाजिक संस्थाएं व संगठन भी चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की सेवा के लिए आगे आ रहे हैं। सरकार व प्रदेश के लोग मिल कर यात्रा को सफल बनाएंगे।
यमुना मां को भाई शनिदेव ने किया विदा
मां यमुना की डोली मंगलवार सुबह 8:15 बजे यमुनोत्री धाम के लिए रवाना हुई। स्थानीय पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ मां की डोली को उनके भाई शनिदेव समेश्वर देवता की डोली भी विदा करने निकली। इस दौरान यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल, पुलिस प्रशासन के साथ ही स्थानीय पुरोहित और अन्य लोग पहुंचे। कपाट 12 .15 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए।
6 मई को सुबह 6.25 बजे केदारनाथ के कपाट खुलेंगे
वेद मंत्रोच्चार एवं धार्मिक परंपराओं के बीच सोमवार को बाबा केदार की पंचमुखी भोगमूर्ति ने चल विग्रह डोली में विराजमान होकर पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर से अपने धाम के लिए प्रस्थान किया। डोली पहले पड़ाव विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी पहुंचेगी। इसके बाद 3 मई को नारायणकोटी, मैखंडा होते हुए दूसरे पड़ाव फाटा, 4 मई को सीतापुर, सोनप्रयाग होते हुए गौरीकुंड में रात्रि प्रवास होगा। 5 मई को डोली गौरीकुंड से 17 किमी पैदल रास्ता तय कर दोपहर को अपने धाम केदारनाथ पहुंचेगी। जहां 6 मई को सुबह 6.25 बजे केदारनाथ मंदिर के कपाट खोले जाएंगे।
ऐसे कराएं रजिस्ट्रेशन
राज्य सरकार ने यात्रियों के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया हुआ है। पर्यटन विभाग की जानकारी के अनुसार तीर्थयात्री अपने मोबाइल में 'टूरिस्ट केयर उत्तराखंड' एप डाउनलोड कर उससे अपना पंजीकरण कर सकते हैं। यदि इसमें यात्रियों को पंजीकरण करने में कोई परेशानी आ रही हो तो वह रजिस्ट्रेशन एंड टूरिस्ट केयर वेबसाइट पर जाकर भी पंजीकरण कर सकते हैं। तीर्थयात्री टोल फ्री नंबर 1364 पर संपर्क कर अपनी समस्या का समाधान कर सकते हैं।












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