जोशीमठ भू-धंसाव: मकानों में दरारें, डरे सहमे लोग, मशाल लेकर सड़कों पर धामी सरकार के खिलाफ दिखा जनाक्रोश
जोशीमठ में भू-धंसाव और दरकते पहाड़ों से लोगों की मुश्किलें बढ़ने लगी है। जोशीमठ में चक्काजाम और बाजार बंद का एलान के चलते आज यहां सैकड़ों की संख्या में लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित जोशीमठ में भू-धंसाव को लेकर लोगों का गुस्सा अब सड़कों पर उतर आया है। स्थानीय लोगों ने पहले रात में कड़ाके की ठंड में सड़क पर एकजुट होकर मशाल जुलूस निकाला तो वहीं आज बाजार बंद करने के साथ ही पूरे इलाके में चक्का जाम किया गया। लोगों ने सरकार के खिलाफ अब मोर्चा खोल दिया है।
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जगह-जगह दरारें बढ़ने से लोगों में डर
जोशीमठ में भू-धंसाव और दरकते पहाड़ों से लोगों की मुश्किलें बढ़ने लगी है। आए दिन जगह-जगह दरारें बढ़ने से लोगों में डर पैदा हो गया है। मकानों में दरारें, खेतों में कटाव, खंबों का तिरछा होना, जमीन पर क्रेक दिखने जगह-जगह पानी फूटना जैसी घटनाओं से लोगों में डर पैदा हो गया है। जिससे लोग अब सुरक्षित जगह पर जाने को मजबूर हैं।

सड़कों पर उतरे और मशाल जुलूस निकाला
जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति के आह्रवान पर जोशीमठ में हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतरे और मशाल जुलूस निकाला। हर तरफ लोग सरकार के खिलाफ गुस्सा दिखाते हुए नजर आए। लोगों में सरकार के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा है। लोगों ने सरकार पर नजर अंदाज करने और मामले में गंभीरता न दिखाने को लेकर जमकर नारेबाजी करते हुए नजर आ रहे हैं। जोशीमठ संघर्ष समिति के आह्वान पर बुधवार को भी देर शाम लोगों ने हाथ में मशाल लेकर बदरीनाथ स्टैंड से मारवाड़ी चौक तक सरकार और एनटीपीसी के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में प्रभावित परिवार भी शामिल हुए।

27 परिवारों के 120 लोग शिफ्ट किए जा चुके
अभी तक जोशीमठ क्षेत्र से 27 परिवारों के 120 लोग शिफ्ट किए जा चुके हैं ।उधर आज पूरे जोशीमठ में चक्काजाम और बाजार बंद का एलान के चलते आज यहां सैकड़ों की संख्या में लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। भू-धंसाव की समस्या को लेकर जिला प्रशासन ने कंट्रोल रुम स्थापित किया है। जिसका दूरभाष नंबर 8171748602 है। किसी भी सहायता के लिए प्रभावित परिवार इस हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।

शहर के 500 से ज्यादा घर रहने लायक नहीं
एसडीसी फाउंडेशन ने उत्तराखंड में आने वाली प्रमुख प्राकृतिक आपदाओं और दुर्घटनाओं पर अपनी तीसरी रिपोर्ट जारी की है। उत्तराखंड डिजास्टर एंड एक्सीडेंट सिनोप्सिस (उदास) की रिपोर्ट के अनुसार, जोशीमठ में 500 घर रहने के लायक नहीं हैं। रिपोर्ट में जोशीमठ में लगातार हो रहे भूधंसाव को लेकर चिंता जताई गई है। रिपोर्ट का प्रमुख हिस्सा इस बार जोशीमठ के भूधंसाव को लेकर है। रिपोर्ट में कहा गया है कि शहर के 500 से ज्यादा घर रहने लायक नहीं हैं।

विशेषज्ञों का एक दल जोशीमठ रवाना, 14 सदस्यीय समिति का गठन
राज्य सरकार पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर बृहस्पतिवार को विशेषज्ञों का एक दल जोशीमठ रवाना होगा। इससे पहले विशेषज्ञों का यह दल 16 से 20 अगस्त 2022 के बीच जोशीमठ को दौरा कर पहली रिपोर्ट सरकार को सौंप चुका है। यह टीम अगले कुछ दिन जोशीमठ में ही रहकर सर्वेक्षण का कार्य करेगी। इस दौरान दीर्घकालिक और तात्कालिक उपायों के संबंध में टीम सरकार को रिपोर्ट देगी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने जोशीमठ भूस्खलन के जोशीमठ भूस्खलन के आकलन को लेकर एक 14 सदस्यीय समिति का गठन किया है। प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी को समिति का संयोजक बनाया गया है। पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष निर्देश पर समिति छह जनवरी को स्थलीय भ्रमण कर स्थानीय निवासियों, व्यापारियों तथा जन प्रतिनिधियों से वार्ता करेगी। इसके बाद अपनी रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को सौंपेगी।












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