थम नहीं रहा IMA और बाबा रामदेव के बीच विवाद, अब दी खुली बहस की चुनौती
देहरादून, 29 मई: पूरा देश कोरोना महामारी से परेशान है। इस बीच बाबा रामदेव और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) में विवाद बढ़ता ही जा रहा है। हाल ही में एलोपैथ की आलोचना करने पर IMA उत्तराखंड ने बाबा को एक हजार करोड़ का नोटिस भेजा था, जिसके बाद भी वो पीछे नहीं हटे और डॉक्टरों पर हमला जारी है। ऐसे में अब IMA ने उन्हें एक नई चुनौती दे दी है, हालांकि रामदेव या पतंजलि की ओर से इस बारे में अभी तक कोई जवाब नहीं आया है।
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IMA के मुताबिक बाबा रामदेव एलोपैथ पर अनरगल बयानबाजी कर रहे हैं। ऐसे में वो उन्हें खुली बहस की चुनौती देते हैं। हाल ही में बाबा ने दावा किया था कि कुछ एलोपैथ के अस्पताल भी पतंजलि की दवाएं लिखते हैं, जिस पर IMA ने कहा कि वो उन अस्पतालों की लिस्ट दें। IMA के मुताबिक रामदेव की ओर से कही गई हर बात गलत है, ऐसे में वो उन्हें पब्लिक में पैनल डिस्कशन करने का चैलेंज देते हैं।
नोटिस में क्या कहा?
मानहानि नोटिस में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (उत्तरांचल ब्रांच) ने लिखा कि अगर रामदेव अगले 15 दिनों के भीतर लिखित में माफी नहीं मांगते हैं तो उनसे 1000 करोड़ रुपये की मांग की जाएगी। इसके अलावा उत्तराखंड के सीएम तीरथ सिंह रावत को भी एक पत्र लिखा गया था, जिसमें आईएमए ने रामदेव के एलोपैथिक चिकित्सा पेशे और चिकित्साकर्मियों के खिलाफ दिए गए बयानों को लेकर आपत्ति जताई थी। साथ ही सरकार से उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।
IMA प्रमुख ने कही ये बात
आईएमए के राष्ट्रीय प्रमुख डॉ. जेए जयलाल ने कहा है कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पास रामदेव के खिलाफ कुछ भी नहीं है। अगर योग गुरु बाबा रामदेव एलोपैथी, मॉडर्न मेडिकल साइंस और कोरोना वैक्सीन पर दिए अपने बयान को वापस ले लेते हैं, तो वो मानहानि शिकायत को वापस लेने पर विचार करेंगे।












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